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Mokama Massacre : पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टरों..

Mokama Massacre : पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टरों की टीम ने बताया, दुलारचंद यादव की मौत गोली लगने से नहीं हुई..

Dularchand Yadav Murder Case :  मोकामा में दुलारचंद हत्याकांड में अब तक दो को गिरफ्तार किया गया है. मृतक का पोस्टमार्टम किया गया. इसके बाद अंतिम संस्कार किया गया था...

mokama massacre  पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टरों की टीम ने बताया दुलारचंद यादव की मौत गोली लगने से नहीं हुई

Mokama Massacre : पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टरों की टीम ने बताया, दुलारचंद यादव की मौत गोली लगने से नहीं हुई.. |

Dularchand Yadav Murder Case :  मोकामा में दुलारचंद हत्याकांड में अब तक दो को गिरफ्तार किया गया है. मृतक का पोस्टमार्टम किया गया. इसके बाद अंतिम संस्कार किया गया था. पोस्टमार्टम करने वाले तीन डॉक्टरों ने बताया कि दुलारचंद यादव की मौत गोली लगने से नहीं हुई. आगे उन्होंने बताया कि पहली एफआईआर जो मृतक के पोते ने की. इस एफआईआर में 5 अभियुक्त बनाए गए थे. आवेदन में 6 अभियुक्त थे. अनंत सिंह और 5 समर्थकों पर हत्या का केस दर्ज किया गया.

आवेदन में है कि अनंत सिंह ने गोली चलाई. गोली जांघ में लगी. इसके बाद समर्थकों ने लाठी डंडों से मारा. इसके बाद समर्थकों ने उनके ऊपर गाड़ी चढ़ा दी. अनंत सिंह के समर्थक ने भी मामला दर्ज कराया है. इसमें जनसुराज के कैंडिडेट पीयूष प्रियदर्शी, लखन महतो, नीतीश महतो, ईश्वर महतो और अजय महतो को आरोपी बनाया गया. 

दुलारचंद की गिनती बाहुबली नेताओं में की जाती थी. एक समय में वह आरजेडी पार्टी से जुड़े थे. लालू यादव के करीबी थे. 1990 में अनंत सिंह के भाई के खिलाफ चुनाव में उतरे थे. टाल क्षेत्र में मजबूत पकड़ थी. 2019 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था. दुलारचंद पूर्व के अपराधी रहे. उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं. 

सूरजभान सिंह ने कहा कि लोकतंत्र का हनन हुआ है. पूरा देश देख रहा है. इलेक्शन कमीशन से आग्रह है कि जांच हो. रिटायर्ड जज की इंक्वायरी बैठाई जाए. सच्चाई सामने आ जाएगी.

40 गाड़ियों का काफिला हथियारों से लैस होकर कैसे घूम रहा था?

तेजस्वी यादव ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए. तेजस्वी ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर 40 गाड़ियों का काफिला हथियारों से लैस होकर कैसे घूम रहा था? उन्होंने चुनाव आयोग और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूछा कि अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई हुई है. आखिर चुनाव आयोग क्या कर रहा है? प्रशासन क्या कर रहा है? अब तक क्या कार्रवाई की गई है. गुंडों को कौन बचा रहा है?

 

उन्होंने कहा कि जो लोग जंगलराज की बात कर रहे है, जिन लोगों ने अपराधियों को पाला-पोसा, सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है. इस मामले पर चुनाव आयोग को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए कि क्या एक्शन हुआ. ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि बिहार की स्थित क्या है?

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