MP News : उमरिया। बाध के लिए प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सैलानी पर्यटन के लिहाज से बराबर आते हैं.
MP News : उमरिया। बाघ के लिए प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सैलानी पर्यटन के लिहाज से बराबर आते हैं, लेकिन सोमवार को बेहद दिलचस्प और खतरनाक घटना घटी। रिजर्व के बेल्टी गांव में बाध ने ग्रामीण पर हमला कर दिया। उसके बाद एक मकान में घुस गया और वहां रखी खाट पर बैठ गया। इससे गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण नजारे को देखने के लिए घर की छत पर आ डटे। बाध खेत के किनारे से होते हुए गांव में पहुंचा थी। इसके बाद सूचना पर पनपथा बफर की वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
बाध को पकड़ने में आठ घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पनपथा बफर के बेल्दी गांव के लोगों ने बताया कि बाघ को सुबह 10 बजे देखा गया। वन विभाग को 10.30 बजे सूचना दी गई। गांव में बाघ ने गोपाल कोल पर हमला कर दिया। बाघ के झपट्टा मारने से गोपाल जमीन पर गिर पड़ा। उसे पैर में चोट आई। इसके बाद दुर्गा प्रसाद के घर में जाकर बैठ गया। पनपथा बफर इलाके के अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि टीम की प्राथमिकता ग्रामीण और बाघ दोनों को बचाने की थी। कड़ी मशक्कत के बाद बाघ को रेस्क्यू कर लिया गया।
इधर बाघ के हमले में घायल गोपाल कोल को कटनी जिले के बरही अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद कटनी रेफर कर दिया गया। ग्रामीण ने बताया कि वन जीव इस क्षेत्र में आते रहते हैं। वह लाठी डंडों से खदेड़ देते हैं पर इस बार बाध ने पटलवार कर दिया। डंडा लेकर बाध को खदेडने की ग्रामीण ने कोशिश की पर बाध ने पलटवार कर दिया। इसी में गोपाल कोल घायल हो गया। बांधवगढ़ में 135 बाध, पिछले 8 माह में 3 लीगों की जान ली।
बाधवगढ़ टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख बाघ अभ्यारण्य है। 2022 की गणना में यहां 135 बाघ दर्ज किये गये। अभी यह संख्या 160 से अधिक है। रिजर्व के कोर और बफर जोन की व्यवस्था बाध संरक्षण की अनोखी मिसाल है। बाघ का घनत्व अधिक होने के कारण वे कई बार आबादी वाले इलाके तक पहुंच जाते हैं। इसके चलते पीछले आठ महीने में बाघ और मानव के बीच संघर्ष की घटना में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इतने ही लोग घायल हुए हैं।
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