गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के डिहिया स्थित बोरी फैक्ट्री के सामने शुक्रवार सुबह बालू लदे तेज रफ्तार डंपर की टक्कर से एक ऑटो पर सवार तीन लोगों की मौत हो गई।
रीवा (मध्यप्रदेश)। गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के डिहिया स्थित बोरी फैक्ट्री के सामने शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बालू लदे तेज रफ्तार डंपर ने सामने से आ रहे एक ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में ऑटो सवार तीन लोगों की असमय मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और मृतकों के गांव में मातम पसर गया।
रिश्तेदार के घर जाते समय हुआ दर्दनाक हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, ऑटो सवार लोग अपने रिश्तेदार के घर ग्राम भटलो जा रहे थे। सुबह करीब 10 बजे जैसे ही उनका ऑटो ढीया स्थित बोरी फैक्ट्री के सामने पहुंचा, तभी सामने से आ रहे अनियंत्रित और तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें कुचल दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक घायल ने अस्पताल में दम तोड़ा।
डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज
मृतकों की पहचान आशीष कुशवाहा निवासी बहरी बांध, हरिशंकर चतुर्वेदी निवासी बहरी बांध और शैलेंद्र तिवारी निवासी भटलो के रूप में की गई है। सूचना मिलते ही गोविंदगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने मर्ग कायम कर डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और डंपर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों ने लगाया अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद संजय गांधी अस्पताल पहुंचे मृतकों के परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि दुर्घटना के बाद आशीष उपाध्याय की सांसें चल रही थीं और उन्हें जीवित अवस्था में अस्पताल लाया गया था। आरोप है कि डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू करने के बजाय एक्स-रे और सीटी स्कैन जैसी जांचों में समय बर्बाद कर दिया। समय पर उचित चिकित्सा न मिलने के कारण आशीष ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। परिजनों ने जिला प्रशासन से अस्पताल की इस लचर व्यवस्था में सुधार करने और जिम्मेदार डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की है।
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