टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि वह इसका खुलासा करे कि पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट से 58 लाख से भी ज्यादा वोटरों में कितने बांग्लादेशी और रोहिंग्या हैं।
कोलकाता। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि वह इसका खुलासा करे कि पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट से 58 लाख से भी ज्यादा वोटरों में कितने बांग्लादेशी और रोहिंग्या हैं। उन्होंने चुनाव आयोग को यह चेतावनी भी दी है कि उसकी मांग पूरी नहीं होने पर उनकी पार्टी तेज आंदोलन करेगी। टीएमसी चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रींम कोर्ट भी जा सकती है।
31 दिसंबर को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलेंगे अभिषेक बनर्जी
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी 31 दिसंबर को दिल्ली जाकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करेंगे और वोटर लिस्ट से हटाए गए वोटरों के नामों को हटाने समते एसआइआर में हो रही गड़बड़ियों के मुद्दे उठाएंगे। टीएमसी सांसद का कहना है कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल को अपना निशाना बना रहा है। लगता है कि उसने पहले से ही इस राज्य के बड़ी संख्या में वोटरों के नामों को वोटर लिस्ट सले हटाना तय कर लिया है। भाजपा पहले से ही डेढ़ करोड़ वोटरों ने नामों के हटाने का दावा करती आ रही है और ठीक चुनाव आयोग भी वैसा ही करता दिखता है।
चुनाव अधिकारियों पर लगा पक्षपात का आरोप
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी का तर्क है कि गुजरात समेत कई राज्यों में मतदाता सूची से हटाए गए वोटरों की तुलना में पश्चिम बंगाल के वोटरों की संख्या कम है। फिर भी पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में केंद्रीय अधिकारियों को एसआइआर के दौरान तैनात किया जा रहा है। उन्होंने चुनाव अधिकारियों द्वारा किए जा रहे पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि चुनाव आयोग की मंशा संदेहजनक है। टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पिछले विधानसभा में टीएमसी की जीत के बाद भाजपा भौखलाई हुई है और वह चुनाव आयोग पर अपने मनमुताबिक कार्य करवाने का दबाव डाल रही है। उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के बीच सांठगांठ होने का संदेह व्यक्त किया।
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