डिंडौरी में नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। स्थानीय जानकारी के अनुसार, अशोक पंडा द्वारा पूजा के दौरान जीभ काटकर माता को अर्पित करने की परंपरा चर्चा का विषय बनी हुई है।
डिंडौरी: आदिवासी बाहुल्य डिंडौरी जिले में नवरात्रि के दौरान आस्था और भक्ति के अनेक रंग देखने को मिल रहे हैं। जिले के समनापुर क्षेत्र अंतर्गत बीजापुरी गांव स्थित मढ़िया में इन दिनों श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ी हुई है। यहां अशोक पंडा द्वारा माता की आराधना के दौरान अपनी जीभ काटकर अर्पित करने की परंपरा चर्चा का विषय बनी हुई है। दूर-दराज के क्षेत्रों से भक्त माता के दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। स्थानीय जानकारी के अनुसार, अशोक पंडा समनापुर क्षेत्र में जाने-माने पंडा हैं।
बीजापुरी की मढ़िया में उमड़ रहे श्रद्धालु
कहा जाता है कि वे दोनों नवरात्रियों में विधि-विधान से पूजा-पाठ करते हुए अपनी जीभ काटकर माता को अर्पित करते हैं। उनकी इस धार्मिक परंपरा को देखने और माता के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मढ़िया पहुंच रहे हैं। बीजापुरी गांव की मढ़िया में पूजा-अर्चना के दौरान भक्त माता को प्रसन्न करने के लिए अलग-अलग तरीकों से आराधना करते नजर आते हैं। श्रद्धालुओं के बीच अशोक पंडा की यह साधना विशेष चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों की आस्था और विश्वास के चलते नवरात्रि के अवसर पर यहां धार्मिक माहौल बना हुआ है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी
हालांकि, इस तरह के शारीरिक नुकसान पहुंचाने वाले कृत्य में गंभीर चोट, संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी खतरे हो सकते हैं। धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए भी शरीर की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी है। फिलहाल बीजापुरी गांव की मढ़िया में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। अशोक पंडा की इस परंपरा को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं हो रही हैं। यह घटना एक ओर स्थानीय धार्मिक मान्यताओं और आस्था को सामने लाती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे कृत्यों में स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति जागरूकता की आवश्यकता भी बताती है।
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