पन्ना में मझगांय सिंचाई परियोजना से प्रभावित आदिवासी और किसानों का विरोध तेज हो गया है। जय किसान पार्टी के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने डैम के पानी पर प्रतीकात्मक चिता बनाकर विरोध जताया।
पन्ना: मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में मझगांय सिंचाई परियोजना को लेकर विरोध अब अनोखे और तीखे अंदाज में सामने आया है। परियोजना से प्रभावित होने का दावा कर रहे आदिवासी और किसान डैम के पानी पर चिता का प्रतीक बनाकर और गले में सांकेतिक फांसी का फंदा डालकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रभावित परिवारों को नहीं मिल रहा उचित मुआवजा
'जय किसान पार्टी' के बैनर तले चल रहे आंदोलन में प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परियोजना के कारण उनकी जमीन डूब क्षेत्र में प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा नहीं मिल रहा, जबकि कुछ पात्र हितग्राहियों के नाम अब तक प्रक्रिया में शामिल नहीं किए गए हैं।
प्रशासन के सामने रखी अपनी पीड़ा
आंदोलनकारियों ने डैम के पानी पर चिता का प्रतीक बनाकर सरकार और प्रशासन के सामने अपनी पीड़ा रखी। वहीं गले में सांकेतिक फांसी का फंदा डालकर यह संदेश देने की कोशिश की कि जमीन और आजीविका छिनने की स्थिति में प्रभावित परिवारों का भविष्य संकट में पड़ सकता है।
नियमानुसार उचित मुआवजा और अन्य वैधानिक लाभ दिए जाने की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह कोई वास्तविक आत्मघाती कदम नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक विरोध है। आंदोलनकारियों की मांग है कि प्रभावित भूमि का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए, पात्र परिवारों की पहचान की जाए और जिन लोगों के नाम छूटे हैं, उनकी पात्रता की जांच कर उन्हें सूची में शामिल किया जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उचित मुआवजा और अन्य वैधानिक लाभ दिए जाएं।
जमीन सिर्फ संपत्ति नहीं: किसान
किसानों का कहना है कि उनके लिए जमीन सिर्फ संपत्ति नहीं, बल्कि रोजगार और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का आधार है। ऐसे में जमीन प्रभावित होने के साथ उनके भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। मझगांय परियोजना से जहां क्षेत्र में सिंचाई और विकास की उम्मीद है, वहीं प्रभावित परिवार अपने खेत और भविष्य को लेकर चिंतित हैं। डैम पर बनी प्रतीकात्मक चिता और गले में फांसी का फंदा अब प्रशासन के लिए भी बड़ा संदेश बन गया है।
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