राहुल गांधी की भगवान राम पर की गई कथित टिप्पणी के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने फिर से सुनवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
वाराणसी: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। भगवान राम पर की गई कथित टिप्पणी के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने मामले की सुनवाई फिर शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
निचली अदालत के आदेश का रद्द
अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह की कोर्ट ने मामले में निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया गया था।
राहुल गांधी की टिप्पणी हिंदुओं की भावनाओं को आहत करनेवाला- अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय
राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने 12 मई 2025 को अदालत में याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि राहुल गांधी ने भगवान राम पर टिप्पणी की थी। अधिवक्ता ने राहुल गांधी की टिप्पणी को सनातन विरोधी और करोड़ हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने वाला बताया है।
निचली अदालत ने रद्द कर दी थी शिकायतकर्ता की याचिका
अधिवक्ता ने राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए कोर्ट से अपील की थी कि कांग्रेस नेता को मामले में तलब कर कानूनी कार्यवाही की जाए। शिकायतकर्ता की याचिका को निचली अदालत ने खारिज करते हुए कहा था कि विदेश में दिए बयान पर केंद्र की अनुमति जरूरी है।
न्यूयॉर्क में राहुल गांधी ने भगवान राम पर की थी टिप्पणी
दरअसल, 2025 में अमेरिका के दौरे पर गए राहुल गांधी ने न्यूयॉर्क के ब्राउन यूनिवर्सिटी में छात्रों के सवालों के जवाब दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने भगवान राम को काल्पनिक बताया था। उनके इस बयान की बीजेपी नेताओं ने कड़ी निंदा की थी। बीजेपी ने कांग्रेस पर हिंदू आस्था का अपमान करने का आरोप लगाया था।
जल्द ही निचली अदालत में शुरू होगी मामले की सुनवाई
याचिकाकर्ता अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने बताया कि अब इस मामले की सुनवाई निचली अदालत में होगी, जिसकी अगली तारीख शीघ्र जल्द ही तय की जाएगी।