उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर के पास चल रहे टनल (सुरंग) निर्माण कार्य के दौरान...
उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर के पास चल रहे टनल (सुरंग) निर्माण कार्य के दौरान एक अत्यंत प्राचीन और भव्य शिवलिंग प्राप्त हुआ है। इस घटना ने श्रद्धालुओं और पुरातत्वविदों के बीच भारी उत्साह पैदा कर दिया है।
'प्रकट' हुए महादेव
शुक्रवार, 1 मई 2026 की सुबह लगभग 4:00 बजे, महाकाल मंदिर के गेट नंबर 4 के पास टनल निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान यह शिवलिंग मिला। मंदिर विस्तार परियोजना और 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के मद्देनजर यहाँ भारी मशीनों से खुदाई की जा रही थी। खुदाई के दौरान जब मशीन एक ठोस संरचना से टकराई, तो काम रोककर देखा गया, जहाँ एक विशाल और दुर्लभ शिवलिंग स्थापित मिला।
11 वीं सदी या उससे भी प्राचीन है चौखट की संरचना
शुरुआती अनुमानों के अनुसार, यह शिवलिंग और उसके साथ मिली चौखट की संरचना 11वीं शताब्दी या उससे भी प्राचीन हो सकती है। संभवत पहली शताब्दी के संभावित संकेत की हो सकती है। विशेषज्ञ इसे परमार कालीन या उससे भी पुराना मान रहे हैं।
पुजारियों ने की विधि विधान से पूजा
जैसे ही शिवलिंग मिलने की खबर फैली, मंदिर के पुजारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौके पर पहुँच गए। पुजारियों द्वारा विधि-विधान से शिवलिंग का अभिषेक और पूजन किया गया। 'हर-हर महादेव' के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा।
प्रशासन ने रोका काम, एएसआई की देखरेख में होगा खुदाई
सुरक्षा और पुरातात्विक महत्व को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल टनल की खुदाई रोक दी है। मंदिर समिति के सहायक प्रशासक आशीष फालके ने बताया कि आगे की खुदाई अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की देखरेख में की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस क्षेत्र में और भी प्राचीन अवशेष या किसी पुराने मंदिर का आधार मिल सकता है, इसलिए अब बहुत सावधानी से खुदाई की जाएगी।
शिव की नगरी रही है उज्जैन
उज्जैन (अवंतिका) को अनादि काल से शिव की नगरी माना जाता है। यहाँ पहले भी खुदाई के दौरान माता सती और अन्य देवी-देवताओं के प्राचीन मंदिर और मूर्तियाँ मिलती रही हैं, जो इस शहर के गौरवशाली इतिहास को प्रमाणित करती हैं।
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