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बिजली विभाग की लापरवाही से दो भैंसों की मौत

शाजापुर में बिजली विभाग की लापरवाही से दो भैंसों की मौत, किसान को ₹2 लाख का नुकसान

शाजापुर के ग्राम चौकी मुरादाबाद में टूटे बिजली के तार की चपेट में आने से किसान की दो भैंसों की मौत हो गई। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे और कार्रवाई की मांग की है।

शाजापुर में बिजली विभाग की लापरवाही से दो भैंसों की मौत किसान को ₹2 लाख का नुकसान

Two Buffaloes Die Due to Live Wire in Shajapur, Farmer Suffers ₹2 Lakh Loss |

शाजापुर (मध्य प्रदेश )। जिले के सलसलाई विद्युत वितरण केंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम चौकी मुरादाबाद में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। विभाग की अनदेखी के चलते जमीन पर पड़े नंगे बिजली के तारों की चपेट में आने से एक गरीब किसान की दो भैंसों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे से पीड़ित किसान को करीब ₹2 लाख का भारी-भरकम आर्थिक नुकसान हुआ है।

टूटे बिजली के तारों की शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम चौकी मुरादाबाद निवासी किसान गोकल सिंह पिता रामप्रसाद की दो भैंसे करंट की चपेट में आ गईं। किसान गोकल सिंह ने बताया कि बिजली विभाग की भारी लापरवाही के कारण बिजली के तार काफी समय से टूटकर जमीन पर गिरे हुए थे। इस गंभीर खतरे की और विभाग का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद समय रहते कोई सुध नहीं ली गई।

करंट लगने से मौके पर ही गई दो भैंसों की जान

परिणामस्वरूप, जब भैंसे उन खुले और टूटे हुए तारों के संपर्क में आईं, तो उन्हें जोरदार करंट लगा और दोनों ने तड़प-तड़प कर मौके पर ही दम तोड़ दिया। एक ग्रामीण और किसान के लिए मवेशी केवल जानवर नहीं, बल्कि उनकी आजीविका का मुख्य साधन होते हैं। किसान गोकल सिंह ने बताया कि मृत दोनों भैंसों की कुल बाजार कीमत लगभग ₹2 लाख थी। इस अचानक हुए हादसे से किसान की आर्थिक कमर टूट गई है और परिवार सदमे में है।

बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

इस दुर्घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्युत वितरण केंद्र की लचर व्यवस्था और कर्मचारियों की उदासीनता के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर इस तरह के हादसे होते रहते हैं। समय रहते यदि टूटे हुए तारों को दुरुस्त कर लिया जाता, तो शायद यह बहुमूल्य जानें बच सकती थीं। 

मुआवजे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

किसान गोकल सिंह और स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विद्युत वितरण कंपनी के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए तथा लापरवाह जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही, पीड़ित किसान को हुए ₹2 लाख के नुकसान का पूरा मुआवजा जल्द से जल्द प्रदान किया जाए।

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