उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में राज्य में बागवानी फसलों को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।
फूलों की खेत को बड़े स्तर पर बढावा देना
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि फूलों की खेती (फ्लोरीकल्चर) को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने के लिए उज्जैन में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्लोरीकल्चर' (Center of Excellence for Floriculture) खोला जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।
प्रदेश के 14 जिलों में मखाना का होगा उत्पादन
प्रदेश सरकार 'मखाना क्षेत्र विस्तार योजना' के तहत राज्य के 14 चुनिंदा जिलों में मखाना उत्पादन को प्रोत्साहित करेगी। मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से परियोजना लागत पर 40% तक का अनुदान दिया जा रहा है, ताकि किसान इस लाभकारी फसल की ओर आकर्षित हों।
बागवानी क्षेत्र में मध्य प्रदेश की स्थिति
समीक्षा बैठक के दौरान विभाग द्वारा राज्य की उपलब्धियों के आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए, जो यह दर्शाते हैं कि प्रदेश उद्यानिकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मसाला फसलों के उत्पादन में मध्य प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। पुष्प और सब्जी के मामले में राज्य तीसरे स्थान पर है। इसके साथ फल उत्पादन में प्रदेश चौथे स्थान पर है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विजन
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को उद्यानिकी फसलों के साथ-साथ जैविक खेती (Organic Farming) के लिए भी प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उद्यानिकी फसलें कम जमीन में अधिक आय प्राप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। अतः, कृषि और उद्यानिकी विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसानों को इन योजनाओं से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जाए।
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