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दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे

दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे, यूपी के 75 जिलों में होगा डेयरी कॉन्क्लेव-2026

दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने पर यूपी के सभी 75 जिलों में डेयरी कॉन्क्लेव-2026 आयोजित किया जाएगा। इसमें डेयरी योजनाओं, आधुनिक तकनीक और पशुपालन प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी।

दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे यूपी के 75 जिलों में होगा डेयरी कॉन्क्लेव-2026

UP Dairy Development Department Completes 50 Years, Hosts Dairy Conclave |

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। दुग्धशाला विकास विभाग के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बुधवार को डेयरी कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में डेयरी किसानों, पशुपालकों और अन्य हितधारकों को आधुनिक डेयरी प्रबंधन, वैज्ञानिक पशुपालन, चारा प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना, नंदिनी कृषक समृद्धि योजना सहित विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चयन एवं अनुमति पत्र वितरित किए जाएंगे।

डेयरी कॉन्क्लेव का मुख्यालय से होगा सीधा प्रसारण

दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि कॉन्क्लेव का मुख्यालय से वेब लिंक के माध्यम से सीधा प्रसारण किया जाएगा। जनपद स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन विकास भवन सभागार में संबंधित मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में होगा। इसका उद्घाटन जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों, दुग्ध संघों के प्रतिनिधियों, दुग्ध उत्पादक किसानों, पशुपालकों, स्वयं सहायता समूहों, दुग्ध समितियों एवं अन्य हितधारकों की सहभागिता भी होगी। 

डेयरी प्रबंधन और पशुपालन तकनीकों पर विशेषज्ञ देंगे जानकारी

मुख्यालय से कार्यक्रम का जूम लिंक के माध्यम से प्रातः 10ः30 से 11ः30 के मध्य प्रसारण कराया जाएगा। इसमें विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी। कॉन्क्लेव में विभिन्न विषयों पर विशेष प्रस्तुतिकरण होंगे, जिनमें आधुनिक डेयरी प्रबंधन (नन्द बाबा दुग्ध मिशन आदि), औपचारिक डेयरी प्रसंस्करण (दुग्ध नीति-2022 ),चारा प्रबन्धन, पशु रोगों की पहचान, रोकथाम, निगरानी, नियंत्रण तथा टीकाकरण समेत विभागीय योजनाओं/कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी।

कृषि वैज्ञानिक साझा करेंगे अनुभव

दुग्धशाला विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ कृषि विज्ञान केन्द्रों तथा कृषि विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं विषय विशेषज्ञ अनुभव साझा करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना, मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना एवं नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को चयन एवं अनुमति पत्र वितरित किए जाएंगे। 

दुग्ध उत्पादकों और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों से कॉन्क्लेव में शामिल होने की अपील

श्रीमती धनलक्ष्मी के. ने प्रदेश के सभी दुग्ध उत्पादक किसानों, पशुपालकों, स्वयं सहायता समूहों, दुग्ध समितियों तथा डेयरी क्षेत्र से जुड़े नागरिकों से जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव में सहभागिता करने का आग्रह किया है।

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