फर्जी ई-मेल के जरिये अभ्यर्थियों को लखनऊ बुलाया गया, जब नौकरी नहीं मिली, तो ठगी का अहसास हुआ। आरोप ये भी है कि पैसे मांगने पर आरोपी ने पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दे डाली।
पीलीभीत । बीसलपुर में सेवानिवृत्त अमीन को आउटसोर्सिंग के जरिये सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठग ने 7.60 लाख रुपये ठग लिए। ठगी का आरोप जहानाबाद के प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक इन्द्र प्रताप सिंह पर लगा है। आरोप है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर अमीन को झांसे में लिया गया और अमीन ने अपने तीन बच्चों के फॉर्म भर दिए, अमीन ने सारे रूपये नकद केस और ऑनलाइन ट्रांसफर भी क़र दिए।
केस दर्ज जांच जारी
फर्जी ई-मेल के जरिये अभ्यर्थियों को लखनऊ बुलाया गया, जब नौकरी नहीं मिली, तो ठगी का अहसास हुआ। आरोप ये भी है कि पैसे मांगने पर आरोपी ने पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दे डाली। फिलहाल मुख्यमंत्री को शिकायत के बाद मामले में पुलिस ने आरोपी शिक्षक पर केस दर्ज कर जांच शुरू की है। दरअसल पीड़ित वाल प्रकाश लोक निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त अमीन है। वाल प्रकाश का कहना है कि रेलवे गार्ड विनय कुमार ने उनकी मुलाकात शिक्षक इन्द्र प्रताप सिंह से कराई थी। शिक्षक ने अपनी सरकारी विभागों में अच्छी पकड़ बताई थी और आउटसोर्सिंग से सरकारी नौकरी दिलाने की बात कही थी।
ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिये लिए 7.60 लाख
शिक्षक इन्द्र प्रताप सिंह के झांसे में आकर वाल प्रकाश ने अपने तीन बच्चों किरण देवी, मुकेश और गिरीश पाल के लिए फॉर्म भरवा दिए। जिसके बाद आरोपी ने 20 मई से 25 जुलाई के बीच किस्तों में नकद और ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिये 7.60 लाख रुपए ले लिए। फर्जी ई-मेल भेजकर अभ्यर्थियों को लखनऊ बुलाया गया, लेकिन जब वहां नौकरी नहीं मिली, तो उनको अपने साथ हुई ठगी का पता चला। आरोप है ज़ब इन्द्र प्रताप सिंह से पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दें दी। जिसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत सीएम पोर्टल पर की। फिलाल पुलिस ने सहायक अध्यापक इन्द्र प्रताप सिंह पर धोखाधड़ी करने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू क़र दी है।
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