उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान एक बेहद दिलचस्प और प्रेरक मामला सामने आया...
उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान एक बेहद दिलचस्प और प्रेरक मामला सामने आया। विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने न केवल अपनी पुरानी यादें ताजा कीं, बल्कि संस्थान के विकास के लिए खजाना भी खोल दिया।
संस्थान की जरूरत के लिए दिल खेला
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलगुरु (कुलपति) ने संस्थान की जरूरतों के लिए 10 लाख रुपये और एक ड्रोन की मांग रखी थी। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने तत्काल 51 लाख रुपये की राशि और 5 हाई-टेक ड्रोन देने की घोषणा कर दी। डॉ. यादव ने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा, मैं भी इसी विश्वविद्यालय से निकला हुआ छात्र हूं। जब हमने डिग्री ली थी, तब इतने बड़े और भव्य कार्यक्रम नहीं होते थे। उस समय न तो राज्यपाल आते थे और न ही मुख्यमंत्री।
सम्मान से मिलते हैं डिग्री औऱ मेडल
मुख्यमंत्री ने वर्तमान स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आज के छात्रों को बड़े सम्मान के साथ डिग्री और मेडल मिलते हैं, जो शिक्षा और युवाओं के प्रति बढ़ते सम्मान का प्रतीक है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के इस दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि तकनीकी रूप से सक्षम होने के लिए विश्वविद्यालय को ये ड्रोन और आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है ताकि शोध और नवाचार को बढ़ावा मिले। पूर्व छात्र के तौर पर मुख्यमंत्री का यह कदम न केवल विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि वहां पढ़ रहे छात्रों के मनोबल को भी बढ़ाएगा।
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