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चेतावनी, अन्यथा भुगतना होगा खामियाजा

शुभेंदु सरकार ने निकायों को मीडिया से दूर रहने को कहा

कोलकाता। शुभेंदु सरकार ने सरकारी और सरकारी और सरकार से वित्त पोषित स्वायत्त निकायों, बोर्डों, निगमों, उपक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों के कर्मचारियों को मीडिया से दूरी बना कर रखने की हिदायत दी है।

शुभेंदु सरकार ने निकायों को मीडिया से दूर रहने को कहा

शुभेंदु सरकार ने निकायों को मीडिया से दूर रहने को कहा

अन्यथा भुगतना होगा खामियाजा

कोलकाता। शुभेंदु सरकार ने सरकारी और सरकारी और सरकार से वित्त पोषित स्वायत्त निकायों, बोर्डों, निगमों, उपक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों के कर्मचारियों को मीडिया से दूरी बना कर रखने की हिदायत दी है। ऐसा नहीं करने पर उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। वे मीडिया से केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बारे में कोई ऐसी बात नहीं करेंगे जिसे केंद्र सरकार और राज्य सरकार का विरोध माना जाए। उन्हें मीडिया से बात करने के लिए पहले संबंधित अधिकारी से अनुमति लेनी पड़ेगी। 
राज्य के मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू आचरय़ण नियमों को लेकर नया परिपत्र जारी किया गया है। उसके अनुसार बिना अनुमति कोई दस्तावेज या जानकारी साझा करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। सार्वजनिक आलोचना करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। पश्चिम बंगाल सिविल सेवा, पश्चिम बंगाल पुलिस सेवा यौर अन्य सरकारी व अर्ध सरकारी कर्मचारियों पर यह सख्ती से लागू किया जा रहा है।
सरकारी या अर्ध सरकारी कर्मचारी मीडिया कार्यक्रमों में भी हिस्सा नही ले सकेंगे। इतना ही नहीं, वे लेख, प्रसारण या प्रकाशन में भी अपना योगदान नहीं कर सकेंगे। वे सार्वजनिक बयान भी नहीं देंगे। 
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी का कहना है कि राज्य सरकार का यग निर्देश निजी राय रखने के अधिकार का हनन है। टीएमसी प्रवक्ता व विधायक कुणाल घोष ने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछली सरकार के गाइडलाइन को बदल कर अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला किया है।

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