भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत काम करने वाले संविदा अधिकारियों और...
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत काम करने वाले संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने अपने संविदा मानव संसाधन (HR) मैनुअल 2025 के नियमों में बड़ा संशोधन किया है, जिससे अब अनुभवी कर्मचारी सेवानिवृत्ति की सामान्य आयु के बाद भी काम जारी रख सकेंगे।
अनुभव को दी गई है प्राथमिकता
विभाग ने यह निर्णय संविदा कर्मचारियों के लंबे कार्य अनुभव का लाभ उठाने के उद्देश्य से लिया है। सरकार का मानना है कि अनुभवी कर्मचारियों की सेवाओं से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। नए संशोधन के अनुसार, अब संविदा कर्मचारी 65 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद भी एनएचएम (NHM) में अपनी सेवाएं दे सकेंगे। पहले इसके लिए आयु सीमा कम थी।
HR मैनुअल 2025 में किया गया बदलाव
यह बदलाव 'संविदा मानव संसाधन मैनुअल 2025' के नियमों में संशोधन के माध्यम से लागू किया गया है। नई नीति में कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन के मूल्यांकन के लिए एक पारदर्शी और समयबद्ध 'वार्षिक सेवा आधारित रिपोर्टिंग प्रणाली' भी शामिल की गई है।
कर्मचारियों को यह होगा लाभ
अनुभवी डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य प्रबंधन अधिकारियों को अब अचानक सेवामुक्त नहीं होना पड़ेगा। काम की अवधि बढ़ने से कर्मचारियों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी।
बेहतर कार्य वातावरण की व्यवस्था
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के अनुसार, नई नीति का लक्ष्य संविदा कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना और उन्हें एक स्थिर कार्य वातावरण प्रदान करना है। इस फैसले से प्रदेश के लगभग 32,000 से अधिक संविदा कर्मचारी सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं में 'स्थायित्व' लाने के लिए उठाया गया है।
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