बैतूल जिले में एक महिला अपनी पति की काफी समय से तलाश कर रही है. इसके लिए महिला ने मध्यप्रदेश से लेकर तेलंगाना तक चक्कर काट लिए, लेकिन उसे आज तक कुछ हाथ नहीं लगा है.
बैतूल: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की मुलताई तहसील के ग्राम वायगांव निवासी 35 वर्षीय ज्ञानदेव धोटे पिछले एक साल से लापता हैं। परिजनों के अनुसार, ज्ञानदेव तेलंगाना के सांगारेडी जिले के कोहिर थाना क्षेत्र अंतर्गत तीरगावाड़ी में मोहम्मद मुजीर के आम के बगीचे में एक वर्ष से मजदूरी कर रहे थे।
मालिक पर लगाया गंभीर आरोप
21 अप्रैल 2026 को ज्ञानदेव ने अपनी पत्नी सविता धोटे को फोन पर बताया था कि उनका अपने मालिक से लेन-देन को लेकर विवाद हो गया है और मालिक उन्हें गाड़ी में बैठाकर कहीं ले जा रहा है। इस फोन कॉल के कुछ ही समय बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और तब से लेकर आज तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
तेलंगाना के कोहिर थाना भेजने के बाद भी नहीं हुई ठोस कार्रवाई
ज्ञानदेव धोटे के लापता होने के बाद उनके परिवार ने सबसे पहले मासोद चौकी, थाना मुलताई में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्हें तेलंगाना के कोहिर थाने भेजा गया, जहां परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद पीड़ित परिवार ने बैतूल के पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी, लेकिन फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
क्षेत्रीय विधायक को भी दीं लिखित शिकायतें
इतना ही नहीं परिजनों ने इसके बाद क्षेत्रीय विधायक चंद्रशेखर देशमुख, सांसद डी.डी. उइके, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सहित शासन-प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों को भी लिखित में शिकायतें दीं। इन तमाम प्रयासों के बावजूद, अभी तक न तो ज्ञानदेव धोटे का कोई पता चल सका है और न ही परिवार को कोई संतोषजनक जानकारी मिल पाई है।
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