योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर चंदा मामले की SIT जांच में किसी साधु-संत की भूमिका नहीं मिली है। उन्होंने विपक्ष पर बाबासाहेब अंबेडकर के अपमान और सदन का समय बर्बाद करने का आरोप लगाया।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि राम मंदिर चंदा चोरी के कथित मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट में किसी साधु या संत की कोई भूमिका नहीं पाई गई है। उन्होंने समाजवादी पार्टी और विपक्ष पर लोकतंत्र-विरोधी और असंवैधानिक होने का आरोप लगाया।
SIT रिपोर्ट का हवाला देते हुए CM योगी ने दी सफाई
समाजवादी पार्टी और विपक्ष पर निशाना साधते हुए CM योगी ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले में अपने व्यवहार से 'भारत रत्न' बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की भावनाओं का अपमान किया है। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, "श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे (दान) के कथित गबन से जुड़े मामले में SIT की शुरुआती रिपोर्ट में किसी साधु-संत की कोई भूमिका नहीं पाई गई है।"
विपक्ष पर तीखा हमला: बाबासाहेब के अपमान का आरोप
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और विपक्ष पर लोकतंत्र-विरोधी और असंवैधानिक व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी और विपक्ष का यह व्यवहार लोकतंत्र-विरोधी और असंवैधानिक दोनों है। यह 'भारत रत्न' बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की भावनाओं का अपमान भी है।" समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, "यह समाजवादी पार्टी की सरकार ही थी जिसने श्री अयोध्या धाम की गलियों और सरयू की पवित्र धारा को खून से दागदार करने का पाप किया था।"
भगवान के अस्तित्व पर सवाल उठाने वालों को घेरा
उन्होंने उन लोगों की भी आलोचना की, जिन्होंने उनके आरोप के अनुसार, भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे। मुख्यमंत्री ने कहा, "जो लोग पहले भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठा चुके हैं, वे आज आस्था की बात कर रहे हैं।" योगी आदित्यनाथ ने आगे आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस मिलकर उत्तर प्रदेश की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
सदन में हंगामा: विपक्ष पर समय बर्बाद करने का आरोप
उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दौरान बोलते हुए CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी का व्यवहार न केवल असंवैधानिक बल्कि शर्मनाक भी था। उन्होंने कहा, "विपक्ष ने पहले से तय एजेंडे में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई, बल्कि सदन का कीमती समय बर्बाद करने के लिए गैर-जरूरी मुद्दे उठाए। हमने उन्हें भरोसा दिलाया था कि सभी मुद्दों और प्रस्तावों पर चर्चा होगी और सरकार सबका जवाब देगी। वे उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।"
मॉनसून सत्र और सप्लीमेंट्री बजट पर घमासान
बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का चार दिन का मॉनसून सत्र सोमवार को शुरू हुआ जो आगामी 6 अगस्त को खत्म होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने आज सप्लीमेंट्री बजट पेश किया। जब आज राज्य विधानसभा का मॉनसून सत्र चल रहा था, तो विपक्ष के नेता और समाजवादी पार्टी के विधायक माता प्रसाद पांडे ने कहा कि विपक्ष सदन में राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी का मुद्दा उठाएगा, जबकि राज्य सरकार सप्लीमेंट्री बजट पेश करने की तैयारी कर रही थी।
माता प्रसाद पांडे ने उठाए तीखे सवाल
पांडे ने ANI से कहा, "अगर वे चाहें तो बजट पेश कर सकते हैं, लेकिन हम राम मंदिर चंदे के बारे में बात करेंगे।" इस बीच, 27 जुलाई को उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कोर्ट के पिछले निर्देशों का पालन करते हुए, उसने अयोध्या में राम मंदिर के लिए दिए गए चंदे में कथित हेराफेरी की जांच के लिए इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) किरण एस की अध्यक्षता में एक नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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