योगी सरकार 3 से 6 वर्ष के बच्चों की शैक्षिक नींव अनुरूप 3 से 6 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों की शैक्षिक नींव मजबूत करने के लिए बालवाटिकाओं को पूरी तरह क्रियाशील बनाने पर जोर दे रही है।
Yogi Government to Fully Activate Balvatikas for Children Aged 3-6 (File Photo) |
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। योगी सरकार 3 से 6 वर्ष के बच्चों की मजबूत शैक्षिक नींव तैयार करने के लिए प्रदेश की बालवाटिकाओं को पूरी तरह क्रियाशील बनाने की तैयारी कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बच्चों को खेल और गतिविधि आधारित सीखने के जरिए प्रारंभिक साक्षरता, भाषा और संख्याज्ञान से जोड़ा जाएगा। प्रत्येक बालवाटिका में चार लर्निंग कॉर्नर, बालमैत्री फर्नीचर, टीएलएम, खेल सामग्री और सुरक्षित स्थान जैसी सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, नामांकन, उपस्थिति और आंगनबाड़ी केंद्रों के विद्यालय परिसरों में स्थानांतरण की निगरानी के लिए जनपद स्तर पर ईसीसीई कोर ग्रुप गठित किया जाएगा।
बालवाटिकाओं में होंगी 10 प्रमुख व्यवस्थाएं
विद्यालय परिसर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों को बालवाटिका के रूप में क्रियाशील करते हुए बच्चों के लिए कक्षा-कक्ष अथवा सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं ईसीसीई एजुकेटर/प्री-प्राइमरी नोडल अध्यापक के माध्यम से न्यूनतम तीन घंटे का समयबद्ध गतिविधि कार्यक्रम संचालित होगा। दक्षता आधारित कैलेंडर के अनुसार गतिविधियां कराई जाएंगी और इसे बालवाटिका में प्रदर्शित किया जाएगा।
बच्चों का समग्र प्रगति पत्र तैयार कर वर्ष में कम से कम दो बार अभिभावकों को उनकी प्रगति से अवगत कराया जाएगा। प्रत्येक बालवाटिका में ब्लॉक, पुस्तक, कला/क्राफ्ट तथा प्रदर्शन/नाटक कॉर्नर विकसित किए जाएंगे। आयुसंगत अभ्यास पुस्तिकाओं एवं कार्यपत्रकों के साथ एससीईआरटी की ‘चहक-1, 2, 3’, ‘कदम’ और ‘कलांकुर’ का उपयोग किया जाएगा।
बालमैत्री माहौल और खेल सामग्री की होगी व्यवस्था
प्रत्येक बालवाटिका में बालमैत्री फर्नीचर, टीएलएम, प्रिंट रिच वातावरण, खेल सामग्री और ‘वंडर बॉक्स/जादुई पिटारा’ की व्यवस्था की जाएगी। उपलब्ध स्थान के अनुसार खेल क्षेत्र और आउटडोर प्ले सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही बालमैत्री हैंडवॉश यूनिट और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित होगी, ताकि बच्चों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सके।
नामांकन और उपस्थिति पर रहेगा जोर
को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों के सेवित क्षेत्र में आने वाले 3 से 6 वर्ष के बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन और न्यूनतम 70 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए प्रधानाध्यापक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, सुपरवाइजर और खंड शिक्षा अधिकारी के बीच समन्वय किया जाएगा। प्रभावी अनुश्रवण और अंतर्विभागीय समन्वय के लिए जनपद स्तर पर ईसीसीई कोर ग्रुप गठित किया जाएगा। इसमें निपुण/प्रशिक्षण के जिला समन्वयक, एसआरजी, डायट प्रतिनिधि, एआरपी, शिक्षक संकुल और बाल विकास परियोजना अधिकारी शामिल होंगे।
आंगनबाड़ी केंद्रों के स्थानांतरण की होगी निगरानी
विद्यालयों की 200 मीटर परिधि में गैर-विभागीय भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्यालय परिसर में स्थानांतरित कराने की प्रक्रिया की भी निगरानी की जाएगी। इसका उद्देश्य बालवाटिकाओं के संचालन और संबंधित व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाना है। ईसीसीई कोर ग्रुप बालवाटिकाओं के संसाधन, प्रशिक्षण, क्षमता संवर्धन, सपोर्टिव सुपरविजन और समस्याओं के समयबद्ध समाधान के लिए विभागीय समन्वय सुनिश्चित करेगा।
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