अमेठी के जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र के हारीमऊ गांव में शनिवार सुबह पेड़ में उतरे बिजली के करंट की चपेट में आने से गौरी शंकर की मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
अमेठी: जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र के हारीमऊ गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में पेड़ में उतरे बिजली के करंट की चपेट में आने से गौरी शंकर की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने मामले में बिजली विभाग की संभावित लापरवाही की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव के एक पेड़ में बिजली का करंट उतर रहा था। इसी दौरान गौरी शंकर पेड़ के संपर्क में आ गए। करंट लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोग और परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
पेड़ में करंट उतरने के कारणों की जांच के आदेश
घटना के बाद ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिर पेड़ में करंट कैसे उतरा और अगर बिजली लाइन में कोई खराबी थी तो उसे समय रहते ठीक क्यों नहीं किया गया। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, पेड़ में करंट उतरने के कारण और किसी प्रकार की विभागीय लापरवाही की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। विद्युत विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही मिलने पर दोषियों पर होगी कार्रवाई
उन्होंने कहा कि जांच में अगर किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सूचना मिलने पर पुलिस के मौके पर पहुंचने और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की बात भी सामने आई है। जगदीशपुर थाना प्रभारी निरीक्षक धीरेंद्र यादव ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है। सूचना मिलने पर जांच कराकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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