अगर हालात आज भी सुधर जाएं, तब भी आने वाले कई महीनों तक इसके झटके महसूस किए जाएंगे। गुटेरेस के मुताबिक, इस महासंकट की सबसे बड़ी मार विकासशील देशों को झेलनी पड़ेगी।
Prime News Network
2026-06-11 13:38:10