रावलकोट और PoJK में हिंसा, प्रेस पर पाबंदियों और इंटरनेट बंदी को लेकर एमनेस्टी इंटरनेशनल व CPJ ने पाकिस्तान की आलोचना की। मानवाधिकार उल्लंघनों की स्वतंत्र जांच की मांग तेज।
Prime News Network
2026-08-04 15:18:46
संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने रावलकोट हिंसा को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का मीडिया पर आरोप लगाया है।
2026-07-28 17:56:30