पड़ोसी बांग्लादेश में हिंसा का दौर जारी है। इंकलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मुशकिल से हफ्तेभर बीते होंगे कि सोमवार को एक और नेता पर हमला हुआ।
ढाका। पड़ोसी बांग्लादेश में हिंसा का दौर जारी है। इंकलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मुशकिल से हफ्तेभर बीते होंगे कि सोमवार को एक और नेता पर हमला हुआ। नेशनल सिटिजन पार्टी के नेता मोतालेब शिकदर को गोली मारी गई है। वह एनसीपी की खुलना डिविजन के सेंट्रल ऑर्गनाइजर हैं। हमलावरों ने शिकदर के सिर पर निशाना लगाते हुए गोली मार दी।
खतरे से बाहर मोतालेब शिकदर, कान से लगते हुए निकल गई गोली
सुबह करीब 11:45 बजे की इस घटना के तुरंत बाद ही हादी को खुलना मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय पुलिस थाने के इंचार्ज अनिमेश मंडल ने बताया कि उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। 'डेली स्टार' ने डॉक्टरों के हवाले से लिखा है कि हमलावरों ने उन्हें जान से मारने के इरादे से ही गोली चलाई थी। हालांकि शिकदर को गोली कान से लगते हुए निकल गई। इससे वे घायल तो हुए हैं, लेकिन खतरे से बाहर हैं।
नेताओं पर हमले ने अंतरिम सरकार की कानून-व्यवस्था पर खड़े किए गंभीर सवाल
एनसीपी के खुलना महानगर पालिका के आयोजक सैफ नवाज ने 'प्रोथोम आलो' को बताया कि मोतलेब शिकदर एनसीपी के श्रमिक संगठन जातीय श्रमिक शक्ति के केंद्रीय आयोजक हैं। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब पूरा देश पहले से ही राजनीतिक तनाव, सड़क पर हिंसा और संस्थागत अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। एक के बाद एक नेताओं पर हमले ने अंतरिम सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारत ने बांग्लादेश को दी अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की नसीहत
उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में फिर से हालात बिगड़ गए और हिंसा शुरू हो गई। इस बीच, मयमनसिंह जिले में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की एक फैक्ट्री में लोगों ने जिंदा जलाकर हत्या कर दी। दीपू चंद्र दास पर भीड़ ने आरोप लगाया था कि उन्होंने उनकी मजहबी भावनाओं को आहत किया है। इस घटना पर भारत ने भी सख्त ऐतराज जताया है और बांग्लादेश को अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की नसीहत दी है।
कट्टरपंथी तत्वों के समर्थन से बांग्लादेश का नेतृत्व कर रहे मोहम्मद यूनुस
वहीं बांग्लादेश की पुलिस ने सफाई दी कि उन्हें इस घटना की जानकारी देरी से मिली वरना दीपू को बचाया जा सकता था।
उल्लेखनीय है कि 2024 में शेख हसीना की सत्ता से विदाई के बाद से ही कट्टरपंथी तत्वों के समर्थन से मोहम्मद यूनुस सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं और तब से ही बांग्लादेश में हालात बिगड़े हुए हैं।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/world/muhammad-yunus-held-a-meeting-on-law-and-order-situation-in-bangladesh/102111
मुख्य सलाहकार मुहम्मद युनूस की अध्यक्षता में बैठक, बांग्लादेश में कानून व्यवस्था की हुई समीक्षा