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आवामी लीग बाहर नहीं, उतार सकती है निर्दलीय...

आवामी लीग बाहर नहीं, उतार सकती है निर्दलीय उम्मीदवार

बांग्लादेश में पत्रकार मुक्तादिर राशिद का कहना है कि भले ही अवामी लीग पार्टी के चुनाव लड़ने से रोक लगा दी गई है, लेकिन पार्टी के नेता स्वतंत्र उम्मीदवारों के रूप में चुनाव लड़ सकते हैं।

आवामी लीग बाहर नहीं उतार सकती है निर्दलीय उम्मीदवार

Awami League not out, may field independent candidates |

ढाका। बांग्लादेश में इस समय राजनीतिक संवेदनशीलता के बीच भावी आम चुनावों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में बांग्लादेशी पत्रकार मुक्तादिर राशिद ने अवामी लीग, जमात-ए-इस्लामी और आगामी चुनावों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। राशिद का कहना है कि भले ही पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर चुनाव लड़ने से रोक लगा दी गई है, लेकिन पार्टी के नेता स्वतंत्र उम्मीदवारों के रूप में चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।

बदले की कार्रवाई के तहत अवामी लीग पर लगा है प्रतिबंध

उन्होंने अवामी लीग पर लगाए गए प्रतिबंध को जमात-ए-इस्लामी की ओर से की गई ‘बदले की कार्रवाई’ बताया। राशिद के अनुसार, यह कदम 1971 के मुक्ति संग्राम के बाद की घटनाओं से जुड़ी पुरानी रंजिशों का नतीजा है। उन्होंने कहा कि आज जो स्थिति अवामी लीग के साथ है, वैसी ही स्थिति लंबे समय तक जमात-ए-इस्लामी की भी रही थी। राशिद का कहना है कि भले ही पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी पर चुनाव से पहले प्रतिबंध लगाया गया हो, लेकिन पार्टी पूरी तरह राजनीतिक दौड़ से बाहर नहीं हुई है।

लोकतांत्रिक चुनावों से होकर गुजरता है बांग्लादेश में वास्तविक बदलाव का रास्ता

राशिद के मुताबिक 1971 के मुक्ति संग्राम के बाद जो घटनाक्रम हुआ, उसी का प्रतिफल आज की राजनीति में दिखाई दे रहा है। राशिद के अनुसार, जमात-ए-इस्लामी लंबे समय तक स्वयं प्रतिबंध का शिकार रही और करीब 15 वर्षों तक उसे राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखा गया था। ऐसे में मौजूदा हालात को वह पुराने सियासी हिसाब-किताब का नतीजा मानते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश में वास्तविक बदलाव का रास्ता केवल लोकतांत्रिक चुनावों से होकर गुजरता है। उनके मुताबिक अवामी लीग को आत्ममंथन करने की जरूरत है और उसे अपने शासनकाल की गलतियों को स्वीकार करना चाहिए।

 राशिद ने कहा कि जिस तरह कभी जमात-ए-इस्लामी ने प्रतिबंध के बावजूद स्वतंत्र उम्मीदवारों के जरिए राजनीति में अपनी मौजूदगी बनाए रखी थी, उसी तरह अवामी लीग के पास भी ऐसे नेता हैं जो निर्दलीय उम्मीदवार बनकर चुनाव लड़ सकते हैं।

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