बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता ने लंदन में अपनी तीन दिवसीय भूख हड़ताल समाप्त कर दी है।
लंदन (ब्रिटेन)। बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता उमर करीम ने 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर अपनी तीन दिवसीय भूख हड़ताल समाप्त कर दी और ब्रिटेन सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की अपील की। यह प्रदर्शन उन्होंने बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) के नेताओं डॉ. महरंग बलूच और सिबघतुल्लाह शाह जी को आतंकवाद-रोधी अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा तथा कार्यकर्ता बेबागर बलूच की हिरासत के विरोध में शुरू किया था।
बलूचिस्तान में मानवाधिकारों का उल्लंघन
करीम ने इस दौरान ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (FCDO) के बाहर प्रदर्शन करते हुए पर्चे भी बांटे, जिनमें बलूचिस्तान में मानवाधिकार स्थिति पर चिंता जताई गई। उन्होंने आरोप लगाया, कि शांतिपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों को दबाया जा रहा है और मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।
बलूचिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्याप्त ध्यान नहीं
प्रदर्शन में मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं और संगठनों ने भी आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में जबरन गायब किए जाने और कथित गैर-न्यायिक हत्याओं की घटनाएं जारी हैं, जिन पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
गिरफ्तार नेताओं को रिहा कराने के लिए अभियान जारी
करीम ने मांग की, कि ब्रिटेन सरकार इन मामलों की सार्वजनिक रूप से निंदा करे, पाकिस्तान पर दबाव बनाए और उसके साथ संबंधों की समीक्षा करे। साथ ही उन्होंने हिरासत में लिए गए नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग दोहराई। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करते हुए कहा, कि जब तक गिरफ्तार नेताओं को रिहा नहीं किया जाता, उनका अभियान जारी रहेगा। (ANI)
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