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पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक बार फिर...

आवामी लीग पर प्रतिबंध लोकतंत्र की हत्या: हसीना

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक बार फिर अंतरिम सरकार और उसके प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर निशाना साधा है।

आवामी लीग पर प्रतिबंध लोकतंत्र की हत्या हसीना

Ban on Awami League is murder of democracy: Hasina |

ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक बार फिर अंतरिम सरकार और उसके प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर निशाना साधा है। हसीना ने आगामी चुनावों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाते हुए स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी-अवामी लीग को यदि चुनाव लड़ने से रोका जाता है, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन होगा। यह केवल "राज्याभिषेक" होगा।

यूनुस पर देश की पुरानी पार्टी को चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखने की साजिश का आरोप

एक समाचार एजेंसी को दिए गए ईमेल साक्षात्कार में शेख हसीना ने नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की वैधता को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि "मोहम्मद यूनुस बांग्लादेशी जनता के एक भी वोट के बिना शासन कर रहे हैं।" हसीना ने इस बात पर जोर दिया कि एक ऐसी पार्टी जिसे जनता ने नौ बार जनादेश देकर चुना है, उसे प्रतिबंधित करने का प्रयास लोकतंत्र की हत्या समान है। उनका मानना है कि यूनुस प्रशासन जानबूझकर देश की सबसे पुरानी और लोकप्रिय पार्टी को चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखने की साजिश रच रहा है।

एकतरफा चुनाव से बनने वाली सरकार के पास शासन करने का नैतिक अधिकार नहीं

हसीना ने चेतावनी दी कि अवामी लीग के बिना चुनाव कराने से लाखों मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने बांग्लादेश के ऐतिहासिक संदर्भ का हवाला देते हुए कहा, "इतिहास गवाह है कि जब बांग्लादेश के लोगों को अपनी पसंद की पार्टी को वोट देने का अवसर नहीं मिलता, तो वे वोट ही नहीं देते।" उनका कहना है कि इस तरह के एकतरफा चुनाव से जो भी सरकार बनेगी, उसके पास शासन करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं होगा।

देश को एकजुट करने की बजाय विभाजनकारी राजनीति कर रही वर्तमान सरकार

अपने साक्षात्कार में पूर्व प्रधानमंत्री ने देश की वर्तमान स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह वह समय है जब बांग्लादेश को "राष्ट्रीय सुलह" की सख्त जरूरत है। देश में स्थिरता लाने की बजाय, अवामी लीग को बाहर रखने का निर्णय एक "गहरा और दुखद अवसर" गँवाने जैसा होगा। हसीना के अनुसार, वर्तमान सरकार देश को एकजुट करने की बजाय विभाजनकारी राजनीति कर रही है, जिससे भविष्य में संकट और गहरा सकता है।

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