उत्तर कोरिया ने बुधवार को एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण किया। एक सप्ताह से भी कम समय में यह इस तरह की दूसरी घटना है।
सियोल [दक्षिण कोरिया]: उत्तर कोरिया ने बुधवार को एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण किया। एक सप्ताह से भी कम समय में यह इस तरह की दूसरी घटना है। यह प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया अगले सप्ताह से शुरू होने वाले महत्वपूर्ण संयुक्त सैन्य अभ्यास की तैयारी कर रहे हैं।
पूर्वी सागर की ओर दागी मिसाइल
योनहाप समाचार एजेंसी ने दक्षिण कोरियाई सेना के हवाले से बताया कि प्योंगयांग ने बुधवार को पूर्वी सागर की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी। वहीं, अमेरिका ने इसे केवल "मिसाइल प्रक्षेपण" बताया। अमेरिकी प्रशांत कमान ने प्रक्षेपण के तुरंत बाद बयान जारी किया। अमेरिकी प्रशांत कमान ने अमेरिकी क्षेत्र और अपने सहयोगियों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि इस प्रक्षेपण से अमेरिका या उसके सहयोगियों के लिए तत्काल कोई खतरा नहीं है।
जापान ने भी जताई चिंता
जापान ने इसे प्योंगयांग द्वारा किया गया "संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण" बताया। जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एहतियात के तौर पर अधिकारियों को सभी संभावित उपाय करने के निर्देश दिए। यह घटनाक्रम अमेरिका-दक्षिण कोरिया के आगामी संयुक्त सैन्य अभ्यास उल्ची फ्रीडम शील्ड से ठीक पहले हुआ है। यह अभ्यास 17 से 27 अगस्त तक चलेगा। उत्तर कोरिया लगातार इन संयुक्त सैन्य अभ्यासों को युद्ध की तैयारी बताते हुए उनका विरोध करता रहा है। ऐसे अभ्यासों के दौरान प्योंगयांग की ओर से हथियारों का परीक्षण भी किया जाता रहा है।
700 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय करने का दावा
योनहाप के अनुसार, दक्षिण कोरिया के संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ (JCS) ने बताया कि पूर्वी तट पर वॉनसन क्षेत्र से सुबह करीब 6 बजे स्थानीय समय पर मिसाइल दागे जाने का पता चला। सेना के मुताबिक, मिसाइल ने 700 किलोमीटर से अधिक दूरी तय की। दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी अधिकारी फिलहाल मिसाइल की क्षमता और अन्य तकनीकी विशिष्टताओं का विस्तृत विश्लेषण कर रहे हैं। दक्षिण कोरियाई सेना ने अभी मिसाइल के प्रकार या सटीक रेंज की पुष्टि नहीं की है। हालांकि, 700 किलोमीटर से अधिक की बताई गई दूरी को देखते हुए इसके कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल होने की संभावना जताई जा रही है।
दक्षिण कोरिया ने बुलाई आपात बैठक
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यालय (NSO) ने प्योंगयांग के लगातार मिसाइल प्रक्षेपणों पर चिंता जताई है। उसने उत्तर कोरिया से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन करने वाली उकसावे वाली गतिविधियां रोकने का आग्रह किया। प्रक्षेपण के तुरंत बाद NSO ने रक्षा और सैन्य अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। बैठक में मिसाइल प्रक्षेपण और इससे पैदा होने वाले सुरक्षा प्रभावों का आकलन किया गया तथा आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
2026 में उत्तर कोरिया का 11वां प्रक्षेपण
अधिकारियों के अनुसार, बुधवार का प्रक्षेपण 2026 में उत्तर कोरिया का 11वां मिसाइल प्रक्षेपण है। अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास से पहले हुए इस प्रक्षेपण से क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है।
(एएनआई)
यह भी पढ़े: ट्रम्प ने स्वीकारा- तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन से लौटते समय गुप्त रूप से विमान बदला