प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने कहा, &quotब्रिक्स का लक्ष्य एकतरफावाद का मुकाबला करना है।&quot

ब्रिक्स समिट से पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि ब्रिक्स का मकसद एकतरफापन का मुकाबला करना है और डॉलर पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम करना है।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने कहा quotब्रिक्स का लक्ष्य एकतरफावाद का मुकाबला करना है।quot

BRICS Aims to Counter Unilateralism, Says Iran President Pezeshkian |

तेहरान (ईरान)। ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान शुक्रवार को तेहरान से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। भारत रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का मकसद एकतरफापन का मुकाबला करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संगठन इस लक्ष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ेगा। पेजेश्कियान ने कहा कि समिट में आर्थिक, वित्तीय, औद्योगिक और व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत पहुंचने के बाद उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है।

ब्रिक्स का मकसद एकतरफापन का मुकाबला करना है

पेजेश्कियान ने कहा, "ब्रिक्स का मकसद एकतरफापन का मुकाबला करना है और मौजूदा समिट का नारा भी इसी दायरे में है। हमें उम्मीद है कि हम दिन-ब-दिन इस लक्ष्य के करीब पहुंचेंगे।" उन्होंने कहा कि आर्थिक मुद्दे जटिल हैं और दुनिया में तानाशाही व एकतरफापन को कम करने के लिए नए तरीकों की जरूरत है।

आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों पर होगी चर्चा

ISNA के अनुसार, भारत यात्रा से पहले ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि आजादी, एकजुटता, स्थिरता, प्रतिरोध और इनोवेशन इस समिट के नारे हैं। उन्होंने बताया कि समिट में आर्थिक, वित्तीय, औद्योगिक और व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा होगी। पेजेश्कियान ने कहा कि ब्रिक्स के दायरे में एक खास बैंक बनाया गया है और सदस्य देशों के बीच निवेश के अवसर देखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि बिना डॉलर पर निर्भरता के सदस्य देशों के बीच लेन-देन किया जा सके, जिससे डॉलर के जरिए अमेरिका की तानाशाही कम हो सके।

भारत के साथ संबंधों को बढ़ाने की बात

ईरानी राष्ट्रपति पहले बिश्केक में SCO समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से मिल चुके हैं। शुक्रवार को होने वाली द्विपक्षीय बैठक के साथ दोनों नेताओं के बीच बातचीत आगे बढ़ेगी। पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान और भारत के बीच लंबे समय से संबंध हैं और दोनों देश अपनी समानताओं को बढ़ा सकते हैं।

चीन, रूस और भारत के अधिकारियों से मुलाकात का मौका

पेजेश्कियान ने कहा, "इस समिट में हमारी मौजूदगी चीन, रूस, ब्राजील, भारत और अन्य देशों के अधिकारियों से मिलने और चर्चा करने का एक अच्छा मौका है।" इससे पहले बिश्केक में हुई बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में लंबे समय तक शांति और स्थिरता के लिए सभी प्रयासों में भारत के समर्थन को दोहराया था।

भारत ने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर दिया जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स और SCO जैसे बहुपक्षीय संगठनों में ईरान के साथ मिलकर काम करने की भारत की तत्परता दोहराई थी। उन्होंने ईरान के साथ द्विपक्षीय व्यापार के रास्तों को "बढ़ाने और विविधता लाने" के लिए नई दिल्ली के संकल्प की बात कही थी। साथ ही, कई क्षेत्रों में दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई थी।

यह भी पढ़ें:   भागलपुर में बाढ़ के पानी में डूबकर चार बच्चों और एक महिला की मौत

Related to this topic: