बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, बलूचिस्तान के पंजगुर जिले की गोवारगो तहसील में हुए एक विस्फोट में दो बच्चों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए।
बलूचिस्तान [पाकिस्तान]: बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, बलूचिस्तान के पंजगुर जिले की गोवारगो तहसील में हुए एक विस्फोट में दो बच्चों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि यह घटना पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा संचालित एक क्वाडकॉप्टर से जुड़ी थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि
पेड़ से लटकी संदिग्ध वस्तु से हुआ विस्फोट
बच्चे फतेह अली बाजार में खेल रहे थे जब उन्होंने एक पेड़ से लटकी हुई एक संदिग्ध वस्तु देखी। बताया जाता है कि बच्चों द्वारा उसे छेड़ने के बाद वह वस्तु फट गई, जिसके परिणामस्वरूप दो नाबालिगों की मौत हो गई। मृतकों में 9 और 10 वर्ष की आयु के दो लड़के शामिल थे। विस्फोट में 9, 7 और 12 वर्ष की आयु के तीन अन्य लड़के घायल हो गए।
विस्फोटक उपकरण को लेकर सामने आया आरोप
विस्फोटक उपकरण की सटीक प्रकृति और उत्पत्ति शुरू में स्पष्ट नहीं हो पाई थी। हालांकि, घटना से परिचित एक सूत्र ने आरोप लगाया कि इलाके में रखे जाने से पहले एक पाकिस्तानी सैन्य क्वाडकॉप्टर में विस्फोटक लगाए गए थे। सूत्र ने आगे आरोप लगाया कि पाकिस्तानी बलों ने बाद में स्थानीय पत्रकारों को घटना को हथगोले या किसी अन्य प्रकार के विस्फोटक उपकरण के कारण हुए विस्फोट के रूप में वर्णित करने का निर्देश दिया।
ड्रोन अभियानों को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना ने बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सैन्य ड्रोन और क्वाडकॉप्टर संचालन के परिणामस्वरूप कथित तौर पर नागरिक हताहतों को लेकर चिंताएं फिर बढ़ा दी हैं। 24 सितंबर को केच के बलिचा में सैन्य ड्रोन हमले में चार युवकों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। उनके परिवारों का कहना है कि वे पिकनिक मनाने के लिए उस इलाके में गए थे और उन्होंने उन सरकारी दावों को खारिज किया जिनमें उन्हें संदिग्ध आतंकवादी बताया गया था, जैसा कि बलूचिस्तान पोस्ट ने बताया है।
हमले के बाद अदालतों का बहिष्कार
इस घटना के बाद मकरान डिवीजन में अदालतों का बहिष्कार किया गया और वकीलों ने स्वतंत्र जांच की मांग की। इससे पहले, 18 सितंबर को, बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, मांड के बलूचाबाद और बुल्लो इलाकों में कथित तौर पर क्वाडकॉप्टर हमलों में पांच नागरिक घायल हो गए थे।
बलूचिस्तान में जबरन गायब किए जाने पर चिंता
बलूचिस्तान क्षेत्र में जबरन गायब किए जाने की घटनाएं चिंताजनक बनी हुई हैं। मौलिक अधिकारों के इन उल्लंघनों ने स्थानीय आबादी में असुरक्षा और अविश्वास को बढ़ा दिया है। मनमानी गिरफ्तारियों का लगातार खतरा और जवाबदेही की कमी बलूचिस्तान को अस्थिर कर रही है, जिससे शांति, न्याय और सरकारी संस्थानों में जनता के विश्वास को बहाल करने के प्रयास विफल हो रहे हैं।
(एएनआई)
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