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फ्लाईदुबई सह-पायलट के पोस्ट की जांच जारी

फ्लाईदुबई हमले में ओमानी सह-पायलट के सोशल मीडिया पोस्ट की जांच, ‘यहूदियों को मारने’ की करता था चर्चा

इजरायली अधिकारी के मुताबिक, ओमानी सह-पायलट ने सोशल मीडिया पर ‘यहूदियों को मारने’ से जुड़ी सामग्री पोस्ट की थी, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई।

फ्लाईदुबई हमले में ओमानी सह-पायलट के सोशल मीडिया पोस्ट की जांच ‘यहूदियों को मारने’ की करता था चर्चा

Flydubai Co-Pilot Social Media Posts Probed |

तेल अवीव [इज़राइल]: एक इजरायली अधिकारी ने द टाइम्स ऑफ इज़राइल को बताया कि बुधवार को तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में कैप्टन स्मित माच्छर पर हमला करने वाले ओमानी सह-पायलट ने सोशल मीडिया पर ‘यहूदियों को मारने’ से संबंधित सामग्री पोस्ट की थी। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और घटना की जांच अभी जारी है।

यात्रियों के अनुसार कॉकपिट में हुई झड़प

द टाइम्स ऑफ इज़राइल के अनुसार, अधिकारी ने विमान में सवार यात्रियों से हुई बातचीत का हवाला देते हुए बताया कि कॉकपिट में हुई झड़प के दौरान हमलावर ने अमीराती चालक दल के सदस्यों से उसे जान से मारने के लिए कहा था। अधिकारी ने कहा, “यह एक ऐसा व्यक्ति था जो आत्महत्या करने को तैयार था। उसके सोशल मीडिया अकाउंट से स्पष्ट है कि वह जिहादी विचारधारा से प्रभावित है। वह यहूदियों को मारने की बात करता है।”

जांच पूरी होने तक इरादे पर स्पष्ट निष्कर्ष नहीं

सह-पायलट के इरादे का आकलन करते हुए अधिकारी ने कहा कि औपचारिक जांच अभी जारी है। हालांकि, शुरुआती संकेत विमान को गिराने के उद्देश्य से किए गए आत्मघाती कृत्य की ओर इशारा करते हैं। अधिकारी ने कहा, “जांच पूरी होने तक हम निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकते, लेकिन ऐसा लगता है कि वह आत्मघाती हमलावर था और शायद विमान को गिराने की कोशिश कर रहा था।”

सह-पायलट को यूएई ले जाने की तैयारी

अधिकारी के अनुसार, सह-पायलट को आगे की पूछताछ के लिए अमीराती अधिकारियों को सौंपे जाने की उम्मीद है। इस जांच में इजरायली एजेंसियां भी हिस्सा लेंगी। अधिकारी ने कहा, “हमारी जानकारी के अनुसार उसे यूएई भेजा जाएगा। हम उस जांच का हिस्सा होंगे।” सऊदी अरब में प्रारंभिक जांच के बाद दोनों पायलटों को यूएई ले जाया गया है। यूएई ने भी घटना के हालात, मकसद और संभावित आतंकवादी गतिविधि या पूर्व नियोजित साजिश की जांच शुरू की है।

इजरायल भी कर रहा अपनी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय जांच के समानांतर इजरायल अपनी आंतरिक समीक्षा भी कर रहा है और मौजूदा विमानन सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए कदम उठा रहा है। यह घटना पायलटों की सुरक्षा जांच और इजरायल जाने वाली उड़ानों के लिए सुरक्षा प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े कर रही है।

नेतन्याहू ने भी कट्टरपंथी विचारधारा का किया जिक्र

यह रिपोर्ट इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उस बयान के बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कैप्टन माच्छर पर हमला करने वाले सह-पायलट को इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित किया गया था। फॉक्स न्यूज से बातचीत में नेतन्याहू ने कहा कि सह-पायलट से पूछताछ की जा रही है और इजरायली जांचकर्ता भी इसमें शामिल हैं। उन्होंने कहा, “कैप्टन पर हमला करने वाले को-पायलट से पूछताछ की जा रही है। अब तक हमें जो जानकारी मिली है, उससे पता चलता है कि उसे इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा का प्रशिक्षण दिया गया था।” हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जांच पूरी होने से पहले अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश का आरोप

नेतन्याहू ने शुरुआती जांच का हवाला देते हुए कहा कि सह-पायलट आत्महत्या करने की कोशिश कर रहा था और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करना चाहता था। उन्होंने बताया कि सह-पायलट के हाथ बांधने के लिए ईयरफोन के तारों का इस्तेमाल किया गया और बाद में प्लास्टिक की हथकड़ी लगाई गई। नेतन्याहू के अनुसार, वह फर्श पर पड़ा था और चालक दल से “मुझे मार दो” कह रहा था।

फ्लाईदुबई की उड़ान में क्या हुआ?

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित माच्छर पर चाकू से हमला किया और विमान पर नियंत्रण करने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद माच्छर कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हस्तक्षेप कर हमलावर को काबू किया। विमान को मोड़कर सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंड कराया गया।

घायल कैप्टन माच्छर खतरे से बाहर

हमले में घायल कैप्टन माच्छर को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उन्हें अबू धाबी ले जाया गया, जहां उन्हें आगे की चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। यूएई में भारतीय राजदूत ने पुष्टि की है कि चाकू के घावों से घायल कैप्टन माच्छर अब खतरे से बाहर हैं और स्वस्थ हो रहे हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सह-पायलट का वास्तविक मकसद क्या था, क्या वह अकेले काम कर रहा था और क्या इस घटना का किसी व्यापक संगठन या आतंकवादी गतिविधि से संबंध था।

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