पाकिस्तान के बलूचिस्तान में दो नाबालिगों समेत तीन लोगों को जबरन गायब करने का आरोप लगा है। लापता लोगों के परिवारों ने उनकी सुरक्षित वापसी की मांग की है।
बलूचिस्तान (पाकिस्तान)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में जबरन गायब किए जाने के मामले सामने आए हैं। 'द बलूचिस्तान पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, तीन लोगों को कथित तौर पर अगवा किया गया है, जिनमें 15 साल के दो नाबालिग भी शामिल हैं। वहीं, चार अन्य लापता लोगों के परिवारों ने उनकी सुरक्षित वापसी की मांग फिर से उठाई है। इस बीच, लापता लोगों की तलाश और उनकी वापसी की मांग को लेकर 'वॉयस फॉर बलोच मिसिंग पर्सन्स' (VBMP) का विरोध प्रदर्शन भी जारी है।
क्वेटा से 15 वर्षीय छात्र को घर से उठाने का आरोप
'द बलूचिस्तान पोस्ट' के मुताबिक, 27 अक्टूबर को तड़के करीब 3 बजे क्वेटा के किल्ली कंबरानी इलाके में एक 15 वर्षीय छात्र को उसके घर से कथित तौर पर उठा लिया गया। इस घटना में इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI), मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) और काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) के कर्मियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, ये आरोप रिपोर्ट में बताए गए हैं।
पंजगुर में दो लोगों को हिरासत में लेने का आरोप
एक अन्य मामले में 1 सितंबर को पंजगुर के पारोम इलाके से 20 वर्षीय ब्राहिम बलोच और 15 साल के एक लड़के को हिरासत में लिए जाने का आरोप है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार समर्थित एक सशस्त्र समूह के सदस्यों ने दोनों को फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) के हवाले किया था। इस समूह को स्थानीय स्तर पर 'डेथ स्क्वॉड' कहा जाता है। इस मामले में भी संबंधित पक्षों पर लगाए गए आरोपों का उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है।
VBMP का विरोध प्रदर्शन 6,404वें दिन में पहुंचा
लापता लोगों की सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर 'वॉयस फॉर बलोच मिसिंग पर्सन्स' (VBMP) का क्वेटा प्रेस क्लब के बाहर विरोध प्रदर्शन जारी है। संगठन का यह प्रदर्शन अब 6,404वें दिन में प्रवेश कर गया है। लापता लोगों के कई परिवारों ने संगठन से संपर्क कर अपने परिजनों की तलाश और उनकी वापसी के लिए मदद मांगी है।
मुहम्मद रफीक और दो भाइयों के परिवारों ने उठाई आवाज
मुहम्मद रफीक के परिवार का कहना है कि उन्हें 22 अगस्त को अवारन से गायब कर दिया गया था। वहीं, तकारी वाहिद कुर्द और दाद मुहम्मद कुर्द के रिश्तेदारों ने बताया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने दोनों भाइयों को 2 जून 2010 को मस्तुंग के मारो इलाके से उठा लिया था। परिवारों के अनुसार, न्यायिक अधिकारियों के सामने सुनवाई होने और संबंधित आयोग द्वारा सरकारी कर्मियों की हिरासत की बात स्वीकार किए जाने के बावजूद दोनों भाई अब तक लापता हैं।
जफर बलोच को दोबारा हिरासत में लेने का आरोप
एक अन्य मामले में सना बलोच ने आरोप लगाया कि उनके भाई जफर बलोच को 16 अक्टूबर को क्वेटा की किरानी रोड से CTD और अन्य एजेंसियों के अधिकारियों ने हिरासत में लिया। 'द बलूचिस्तान पोस्ट' के अनुसार, जफर बलोच इससे पहले भी चार साल तक लापता रहे थे। वर्ष 2018 में उन्हें रिहा किया गया था। अब उनके परिवार ने एक बार फिर उनकी सुरक्षित वापसी की मांग उठाई है।
VBMP ने अधिकारियों से की सुरक्षित वापसी की मांग
VBMP के चेयरमैन नसरुल्ला बलोच ने अधिकारियों से अपील की है कि चारों लापता लोगों समेत अन्य सभी लापता व्यक्तियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मांग की कि जिन लोगों पर आपराधिक आरोप हैं, उन्हें अदालत के सामने पेश किया जाए। साथ ही उनके परिवारों को उनके ठिकाने की जानकारी दी जाए, ताकि परिजन अपने लापता सदस्यों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। (Source: ANI)
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