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गरीबी से शाही महल तक पहुंचा, DNA से राजकुमार

गरीबी से शाही महल तक पहुंचा कार विक्रेता, DNA टेस्ट से हुई राजकुमार होने की पुष्टि

साधारण जीवन जी रहे 26 वर्षीय बेल्जियम के कार विक्रेता क्लेमेंट वैंडेनकेर्खोव को अब औपचारिक रूप से प्रिंस लॉरेंट के बेटे के रूप में मान्यता मिल गई है।

गरीबी से शाही महल तक पहुंचा कार विक्रेता dna टेस्ट से हुई राजकुमार होने की पुष्टि

From Poverty to Palace, DNA Confirms Him as Prince |

ब्रुसेल्स [बेल्जियम]: साधारण जीवन जी रहे 26 वर्षीय बेल्जियम के कार विक्रेता क्लेमेंट वैंडेनकेर्खोव को अब औपचारिक रूप से प्रिंस लॉरेंट के बेटे के रूप में मान्यता मिल गई है। डीएनए परीक्षण के बाद सामने आए इस पितृत्व संबंध ने लंबे समय से चले आ रहे विवाद को खत्म कर दिया है और अब उन्हें शाही परिवार का हिस्सा माना जा रहा है। एबीसी न्यूज के अनुसार, वैंडेनकेर्खोव को अपने पिता की संपत्ति में बराबर हिस्सा भी मिलेगा।

छह महीने पहले हुई औपचारिक मान्यता

बेल्जियम के प्रिंस लॉरेंट ने करीब छह महीने पहले एक टाउन हॉल में आयोजित नागरिक समारोह के दौरान क्लेमेंट वैंडेनकेर्खोव के साथ औपचारिक कानूनी पितृत्व स्थापित किया था। हालांकि, इस घटना से जुड़ी जानकारी हाल ही में सार्वजनिक हुई है। आधिकारिक मान्यता का खुलासा सबसे पहले बेल्जियम के साप्ताहिक प्रकाशन सोइर मैग ने किया। इसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया।

बोले- कानूनी पेचीदगियों की परवाह नहीं

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए वैंडेनकेर्खोव ने कहा कि उन्हें कानूनी पेचीदगियों की ज्यादा परवाह नहीं है। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात अपने पिता को जानने का मौका मिलना है। उन्होंने कहा कि वह "अपने पिता को जानने का मौका" मिलने को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं। एबीसी न्यूज के अनुसार, वैंडेनकेर्खोव को 16 साल की उम्र में पता चला था कि प्रिंस लॉरेंट उनके जैविक पिता हैं। इसके बाद उन्होंने 20 साल की उम्र में शाही परिवार के इस सदस्य से संपर्क किया। वैंडेनकेर्खोव किंग फिलिप के भाई प्रिंस लॉरेंट और मॉडल-गायिका वेंडी वैन वांटेन के बेटे हैं।

बचपन से सताता रहा पिता की पहचान का सवाल

अपने बचपन के अनुभवों को याद करते हुए वैंडेनकेर्खोव ने इस महीने की शुरुआत में फ्लेमिश दैनिक हेट न्यूजब्लैड से कहा, "पूरे बचपन मैं इस सवाल से जूझता रहा कि 'मेरे पिता कौन हैं?' जब मुझे पता चला, तो इस रहस्य का बोझ बहुत भारी था।" प्रिंस लॉरेंट ने पिछले साल औपचारिक रूप से उनके अस्तित्व को स्वीकार किया था। शाही परिवार के सदस्य ने कहा था कि दोनों ने "हाल के वर्षों में इस बारे में खुलकर और ईमानदारी से बात की है।"

शाही उपनाम अपनाने से किया इनकार

एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, वैंडेनकेर्खोव अपने पिता के शाही परिवार का नाम सैक्स-कोबर्ग अपनाने के बजाय अपना मौजूदा पारिवारिक नाम बरकरार रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "इस पारिवारिक नाम को छोड़ना मेरी मां ने मेरे लिए जो कुछ भी किया है, उसके साथ विश्वासघात होगा।"

प्रिंस लॉरेंट के तीन और बच्चे

प्रिंस लॉरेंट की शादी 2003 में बेल्जियम की राजकुमारी क्लेयर से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे हैं। यह घटनाक्रम 2020 में सामने आए एक अन्य शाही वंश विवाद के बाद आया है। उस समय राजा अल्बर्ट द्वितीय ने लंबे कानूनी अभियान के बाद अपनी नाजायज बेटी को मान्यता दी थी, जिन्हें अब राजकुमारी डेल्फिन के नाम से जाना जाता है। पितृत्व विवाद के व्यापक सार्वजनिक विवाद में बदलने के बाद अल्बर्ट द्वितीय ने 2013 में बेल्जियम के सिंहासन से इस्तीफा दे दिया था।

(एएनआई)

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