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पाकिस्तान में महंगाई की मार

पाकिस्तान में ईंधन महंगा, रावलपिंडी में टमाटर 500 रुपये किलो; दाल-सब्जियों के दाम से आम जनता बेहाल

पाकिस्तान में ईंधन के दाम बढ़ने से टमाटर 500 रु/किलो और दूध 260 रु/लीटर तक पहुंचे। महंगाई से बेहाल जनता और कारोबारियों की मुश्किलों की ग्राउंड रिपोर्ट।

पाकिस्तान में ईंधन महंगा रावलपिंडी में टमाटर 500 रुपये किलो दाल-सब्जियों के दाम से आम जनता बेहाल

Fuel Price Surge Pushes Food Costs Higher in Pakistan (File Photo) |

रावलपिंडी (पाकिस्तान)। पाकिस्तान में पिछले तीन दिनों में ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इससे दाल, टमाटर और प्याज जैसी जरूरी खाने-पीने की चीज़ों की कीमतें भी काफी बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ईंधन की कीमतों में रोजाना हो रहे बदलाव से जरूरी चीजें महंगी होती जा रही हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण पूरे शहर में खाने-पीने की चीज़ों के दाम रोज बढ़ रहे हैं, और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोई खास कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

टमाटर 500 रुपये किलो, दूध-दही भी महंगे

फिलहाल टमाटर 500 रुपये प्रति किलो, प्याज 120 रुपये प्रति किलो और खीरा 300 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। जबकि खुदरा दुकानों पर दालों की कीमतों में लगभग पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। दूध 260 रुपये प्रति लीटर और दही 280 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। 'डॉन' की रिपोर्ट में एक स्थानीय व्यक्ति के हवाले से कहा गया है, "बिजली का बिल भरना और खाने-पीने की चीजें खरीदना मुश्किल हो गया है।"

सेल्स टैक्स और थोक बाजार ने बढ़ाई दालों की कीमत

रावलपिंडी किराना मर्चेंट एसोसिएशन के चेयरमैन सलीम परवेज बट ने कहा कि सरकार द्वारा वनस्पति तेल पर बिक्री कर (सेल्स टैक्स) लगाने के बाद दालों और सब्जियों की कीमतें बढ़ गई हैं। इससे पांच किलो के पैक की कीमत 3,000 रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि खुदरा विक्रेताओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि थोक विक्रेताओं ने दालों और गेहूं के आटे की कीमतें बढ़ा दी हैं।

महंगे थोक भाव से खुदरा दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ीं

बट के अनुसार, दुकानदार थोक बाजारों से ज्यादा कीमतों पर जरूरी सामान खरीदने को मजबूर हैं, जिससे उन्हें कम कीमतों पर बेचना असंभव हो गया है। 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने आगे कहा कि सप्लाई गोदामों से खुदरा दुकानों तक परिवहन शुल्क बढ़ने के कारण दालों की लागत में पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

सरकारी रेट लिस्ट पुरानी, बाजार में ग्राहकी घटी

बट ने यह भी कहा कि हालांकि पंजाब सरकार ने प्राइस मजिस्ट्रेटों को दुकानदारों पर भारी जुर्माना लगाने का निर्देश दिया था, लेकिन उसने मौजूदा बाज़ार दरों का आकलन करने के बाद आधिकारिक मूल्य सूची में कोई बदलाव नहीं किया है। उन्होंने बताया कि खाने-पीने की चीजों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम हो गई है, जिससे खुदरा विक्रेता बिक्री में गिरावट से जूझ रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से थोक विक्रेताओं और दुकानदारों के साथ मिलकर जरूरी चीजों की आधिकारिक मूल्य सूची को अपडेट करने का आग्रह किया।

रोज बदल रहे ट्रांसपोर्ट किराए से सब्जियां हुईं महंगी

रावलपिंडी फल और सब्जी एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाम कादिर मीर ने 'डॉन' को बताया कि सब्जियों के दाम काफी बढ़ गए हैं। टमाटर 500 रुपये प्रति किलो, खीरा 300 रुपये प्रति किलो, प्याज 120 रुपये प्रति किलो, आलू 80 रुपये प्रति किलो और ज्यादातर दूसरी सब्जियां 150 रुपये प्रति किलो से ज्यादा कीमत पर बिक रही हैं। उन्होंने कीमतों में इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह ईंधन की कीमतों में उछाल को बताया और कहा कि ट्रांसपोर्टर्स ने रोजाना माल ढुलाई का किराया बदलना शुरू कर दिया है। मीर ने बताया कि ईंधन की कीमतों में रोजाना बदलाव शुरू होने से पहले, परिवहन शुल्क आमतौर पर साप्ताहिक, पाक्षिक या मासिक आधार पर समायोजित किए जाते थे, लेकिन अब यह प्रथा बदल गई है।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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