छात्र नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी को शनिवार को कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच सिपुर्दे खाक किया गया।
ढाका। छात्र नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी को शनिवार को कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच सिपुर्दे खाक किया गया। ढाका में राष्ट्रीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में दोपहर बाद दो बजे उनकी जनाजे की नमाज अदा की गई। इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की समाधि के पास दफना दिया गया। हिंसा की आशंका को देखते हुए बांग्लादेश में आज अलर्ट रहा। साथ में भारतीय सीमा पर भी बीएसएफ अलर्ट है।
ढाका के बिजयनगर इलाके में नकाबपोश हमलावरों ने सिर में मार दी थी गोली
हादी की हत्या से पूरा देश हिल गया। 12 दिसंबर को ढाका के बिजयनगर इलाके में चुनाव अभियान शुरू करते समय नकाबपोश हमलावरों ने उन्हें सिर में गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल हादी को इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था। वहां एक सप्ताह बाद उनकी मौत हो गई। हादी को अंतिम विदाई देने वालों में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस भी थे।
बांग्लादेश सरकार ने हादी के सम्मान में घोषित किया था एक दिन का राजकीय शोक
हादी के सम्मान में सरकार ने एक दिन का राजकीय शोक घोषित कर रखा था। हादी पिछले साल हुए छात्र-आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक थे, जिसने तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना सरकार के पतन में अहम भूमिका निभाई थी। अपनी मौत से पहले हादी फरवरी में होने वाले आम चुनावों में बतौर निर्दलीय उम्मीदवार उतरने की तैयारी कर रहे थे। उनकी लोकप्रियता खासकर युवाओं और छात्रों के बीच काफी थी।
ड्रोन उड़ाने पर था प्रतिबंध
बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार जातीय संसद भवन के साउथ प्लाजा के सामने का मैदान पहले से ही लोगों से भरा हुआ था। वे छोटे-छोटे ग्रुप में बंट गए थे और "हम सब हादी बनेंगे, हम सदियों तक लड़ेंगे," "हादी भाई का खून बेकार नहीं जाएगा," और "दिल्ली हो या ढाका, ढाका ढाका" जैसे नारे लगा रहे थे। इस दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए ढाका विश्वविद्यालय प्रशासन ने एहतियातन कैंपस के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए थे। सेना के जवानों के साथ पुलिस, रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) और अंसार बल की बड़ी टुकड़ियां भी सुरक्षा व्यवस्था बिगड़ने से रोकने के लिए तैनात थीं। ड्रोन उड़ाने पर भी रोक लगाई गई थी, ताकि किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके।
दीपू चंद्र दास की हत्या मामले में सात संदिग्धों की हो चुकी है गिरफ्तारी
मोहम्मद यूनुस ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया, मेमनसिंह के वालुका तहसील में सनातन धर्म को मानने वाले दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर मौत के मामले में सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार संदिग्धों की पहचान मोहम्मद लिमन सरकार, मोहम्मद तारेक हुसैन, मोहम्मद माणिक मिया, इरशाद अली, निजुमुद्दीन, आलमगीर हुसैन और मोहम्मद मिराज हुसैन शामिल हैं।
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