अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ बातचीत और समझौते के दावों के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला करने का दावा किया है।
तेहरान (ईरान): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ बातचीत और समझौते के दावों के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला करने का दावा किया है।
तीन ड्रोन से हमले की खबर
जेरूसलम पोस्ट ने घटनाक्रम से जुड़े एक सूत्र के हवाले से बताया कि हमले में कम से कम तीन ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, कुवैत और ईरान से सटे इराक के बसरा प्रांत में भी जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरानी सरकारी प्रसारक IRIB ने क्षेत्रीय मीडिया के हवाले से बताया कि कुवैत में मंगलवार सुबह भीषण आग लगने की सूचना मिली।
समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस बीच, समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने ओमान के अल खासब के पास एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात मिसाइल हमले के बाद सुरक्षा सलाह जारी की है। UKMTO ने बताया कि अल खासब से करीब 20 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में हुई घटना की जानकारी मिली है। एक मालवाहक पोत ने VHF 16 पर अज्ञात मिसाइल हमले की सूचना दी।
जहाजों को सतर्क रहने की सलाह
UKMTO ने क्षेत्र में मौजूद सभी जहाजों को सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत देने की सलाह दी है। ट्रंप ने बताया था समझौते का आखिरी मौका ये घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के एक दिन बाद सामने आए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के पास समझौते तक पहुंचने का "आखिरी मौका" है। ट्रंप ने दावा किया था कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और ईरान से कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील मिलने के बाद अमेरिका ने संभावित सैन्य कार्रवाई को रोक दिया था।
परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी तनाव
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू करने की तैयारी में था, लेकिन राजनयिक प्रयासों के कारण इसमें विराम लगाया गया। उन्होंने कहा, "यह आखिरी मौका है। उनके पास एक अच्छे दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने का यह अंतिम अवसर है।" ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के अनुरोध पर बातचीत जारी है और इसे सऊदी अरब, UAE और कतर का समर्थन प्राप्त है।
ईरान ने बातचीत के दावे को किया खारिज
हालांकि, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष बातचीत में शामिल होने से इनकार किया है। उन्होंने तेहरान और वाशिंगटन के बीच सक्रिय द्विपक्षीय संवाद के दावों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई बातचीत नहीं चल रही है।
(एएनआई)
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