ईरान की इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अपने दक्षिणी तट के पास के समुद्री क्षेत्र को लेकर 'नए नियम' घोषित किए हैं।
तेहरान (ईरान)। ईरान की इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अपने दक्षिणी तट के पास के समुद्री क्षेत्र को लेकर 'नए नियम' घोषित किए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, ईरान का कहना है कि वह अरब की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम समुद्री मार्गों पर अपना नियंत्रण मजबूत करना चाहता है।
2,000 किमी लंबी तटरेखा की कड़ी निगरानी का संकल्प
आईआरजीसी की नौसेना कमान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वह अरब की खाड़ी और रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य के साथ फैली ईरान की लगभग 2,000 किलोमीटर लंबी तटरेखा पर नियंत्रण रखेगी। बयान में कहा गया कि इन कदमों का मकसद इन जल क्षेत्र को 'ईरान की जनता के लिए गर्व और ताकत का स्रोत, और क्षेत्र के लिए सुरक्षा और समृद्धि का स्रोत' बनाना है।
सर्वोच्च नेता ने दी कड़ी चेतावनी
प्रेस टीवी के अनुसार, एक दिन पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने निर्देश जारी करते हुए कहा था कि फारस की खाड़ी को निशाना बनाने वाली खौफनाक विदेशी ताकतों के लिए इस क्षेत्र में कोई जगह नहीं है, सिवाय कि वे इसके पानी की गहराई में हों।
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