होर्मुज जलडमरूमध्य में भटके तेल टैंकर की नौसैनिक सुरंग से टक्कर। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ओमान की मध्यस्थता और कूटनीतिक वार्ताओं से जुड़े क्षेत्रीय घटनाक्रम की पूरी खबर पढ़ें।
तेहरान (ईरान)। होर्मुज जलडमरूमध्य से एक संवेदनशील और बड़ी घटना सामने आई है। ईरान के मीडिया ने रविवार को रिपोर्ट दी कि एक तेल टैंकर ईरान द्वारा निर्धारित नौवहन मार्ग से भटकने के बाद एक नौसैनिक बारूदी सुरंग से टकरा गया, जिससे उसमें जोरदार विस्फोट हो गया।
ईरान ने पहले ही दी थी चेतावनी
ईरान की तसनीम (Tasnim) समाचार एजेंसी के अनुसार, इस घटना में शामिल तेल टैंकर एक "अनियंत्रित" (rogue) मार्ग पर चल रहा था, जो ईरानी अधिकारियों द्वारा निर्दिष्ट रूट से अलग हट गया था और समुद्र में बिछी एक बारूदी सुरंग से जा टकराया। तसनीम ने स्पष्ट किया कि ईरान ने पहले ही बार-बार चेतावनी दी थी कि यदि कोई भी पोत ईरान के निर्धारित मार्ग से भटकेगा, तो उसके परिणाम उसे स्वयं भुगतने होंगे। प्रकाशन के समय तक ईरानी अधिकारियों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
कूटनीतिक वार्ता और क्षेत्रीय घटनाक्रम
इस सैन्य तनाव के बीच, क्षेत्रीय सूत्रों ने सीबीएस न्यूज (CBS News) को बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य और संबंधित क्षेत्रीय जलमार्गों को फिर से खोलने के लिए ईरान और ओमान के बीच चल रही वार्ताओं में प्रगति हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि स्थिति सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है, लेकिन एक पुख्ता समझौते पर पहुंचने के लिए कूटनीति को अभी और समय की आवश्यकता है।
अमेरिकी बमबारी पर अस्थायी रोक
ओमान के अधिकारी इस संबंध में शुक्रवार को तेहरान पहुंचे थे। यह कूटनीतिक पहल ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अमेरिकी बमबारी को कुछ समय के लिए रोकने का निर्णय लिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा लगातार 13 रातों से यह सैन्य कार्रवाई जारी थी। सीबीएस की रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्रीय अधिकारियों ने संकेत दिया कि नाजुक आमने-सामने की कूटनीति (in-person diplomacy) में कोई बाधा न आए, इसलिए अमेरिकी बमबारी को जानबूझकर रोका गया है। हालांकि, इस पर व्हाइट हाउस और सेंटकॉम की ओर से टिप्पणियों के अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया गया।
सैन्य और आर्थिक चिंताएं
द न्यूयॉर्क टाइम्स (The New York Times) की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, सैन्य नेतृत्व ने आगाह किया है कि इस तरह का व्यापक सैन्य अभियान पैट्रियट एंटीमिसाइल इंटरसेप्टर की आपूर्ति को खतरनाक रूप से कम कर सकता है। इससे अमेरिकी सैनिकों, खाड़ी के साझीदार देशों और प्रमुख सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमलों का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, वरिष्ठ सलाहकारों ने व्यापक आर्थिक अस्थिरता और क्षेत्र में गहराते संकट को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
यह भी पढ़ें: इटावा को विकास की बड़ी सौगात: सीएम योगी ने ₹604 करोड़ की 128 परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास