प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लापता बच्चों का पता लगाने में तीन सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई खास प्रगति नहीं हुई है।
सुक्कुर (पाकिस्तान) । पाकिस्तान के सिंध प्रांत में अपहृत बच्चों की सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सुक्कुर के बाबरलो में राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिससे सिंध और पंजाब के बीच यातायात बाधित हो गया। इस आंदोलन की वजह से बच्चों की मुक्ति के तिए सरकार पर दबाव बढ़ गया है।
प्रिया कुमारी एक्शन कमेटी के बैनर तले चल रहा है आंदोलन
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, प्रिया कुमारी एक्शन कमेटी ने यह अवरोध आयोजित किया था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लापता बच्चों का पता लगाने में तीन सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई खास प्रगति नहीं हुई है। अखबार के मुताबिक अप्रैल 2025 में प्रस्तावित सिंधु नहर परियोजना के खिलाफ वकीलों के एक बड़े विरोध प्रदर्शन का स्थल भी बाबरलो ही था। विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कमेटी की नेता सोहनी पारस ने कहा कि बच्चों की सुरक्षित वापसी के संबंध में विश्वसनीय आश्वासन मिलने तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी पुलिस से कम से कम चार या पांच अपहृत बच्चों को छुड़ाने की मांग कर रहे हैं।
लापता 17 बच्चों की तस्वीर के साथ जमे हैं प्रदर्शनकारी
रिपोर्ट के अनुसार, विरोध स्थल पर लगे बैनरों में 17 लापता बच्चों की तस्वीरें और उनके नाम, उम्र और लापता होने की परिस्थितियों सहित विस्तृत जानकारी दी गई है। इस सभा में अपहृत बच्चों के माता-पिता, भाई-बहन और रिश्तेदार शामिल हैं, जो अधिकारियों से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सबसे कम उम्र के पीड़ितों में एक तीन वर्षीय बच्ची भी शामिल है, जिसका कथित तौर पर 17 मई, 2025 को जामशोरो जिले के कोट्री से अपहरण कर लिया गया था। अन्य लापता बच्चों में एक 16 वर्षीय लड़का शामिल है, जिसका नवंबर 2025 में लरकाना से अपहरण कर लिया गया था, और एक 16 वर्षीय लड़की, जो फरवरी 2026 में खैरपुर से लापता हो गई थी।
पुलिस ने आठ बच्चों के अपहरण की रिपोर्ट भी नहीं की दर्ज
रिपोर्ट में कहा गया है कि पत्रकार और कार्यकर्ता ताज रिंद ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने आठ लापता बच्चों अपहरण की सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) भी दर्ज नहीं की है। विरोध प्रदर्शन का नाम एक नाबालिग लड़की के नाम पर रखा गया है, जिसका कथित तौर पर 19 अगस्त, 2021 को सुक्कुर से सात वर्ष की आयु में अपहरण कर लिया गया था। एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, लड़की के माता-पिता, उसकी सुरक्षित वापसी के लिए वर्षों से अभियान चलाने के बावजूद, इस धरने में भाग नहीं ले रहे हैं। नेताओं ने आरोप लगाया कि परिवार पर प्रांतीय सरकार का दबाव था। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों को दी गई समय सीमा समाप्त होने के बाद राजमार्ग जाम करने का आंदोलन शुरू किया गया है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सुक्कुर और खैरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की, लेकिन उन्हें प्रदर्शन समाप्त करने के लिए राजी नहीं कर सके। (एएनआई)