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PM मोदी का BRICS बिजनेस काउंसिल से आग्रह

PM मोदी का BRICS बिजनेस काउंसिल से आग्रह, टॉप 10 ट्रेड बैरियर्स की पहचान करें और हर साल 100 स्टार्टअप्स को सपोर्ट दें

PM मोदी ने BRICS बिजनेस काउंसिल से टॉप 10 ट्रेड बैरियर्स की पहचान करने, हर साल 100 स्टार्टअप्स को सपोर्ट देने और 1,000 नई बिजनेस पार्टनरशिप बनाने का आग्रह किया।

pm मोदी का brics बिजनेस काउंसिल से आग्रह टॉप 10 ट्रेड बैरियर्स की पहचान करें और हर साल 100 स्टार्टअप्स को सपोर्ट दें

PM Modi Urges BRICS to Identify Top 10 Trade Barriers, Support 100 Startups |

नई दिल्ली (भारत)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS बिजनेस काउंसिल से सदस्य देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए तीन अहम लक्ष्यों पर काम करने का आह्वान किया है। उन्होंने टॉप 10 ट्रेड बैरियर्स की पहचान कर उन्हें दूर करने पर रिपोर्ट तैयार करने, हर साल 100 BRICS स्टार्टअप्स को दूसरे सदस्य देशों के बाजारों में विस्तार में मदद देने और BRICS देशों के कारोबारियों के बीच 1,000 नई साझेदारियां बनाने का सुझाव दिया। पीएम मोदी ने इन तीनों पैमानों पर हर साल प्रगति की समीक्षा करने और BRICS की सामूहिक आर्थिक ताकत को वैश्विक समाधानों में बदलने पर जोर दिया।

हर साल तीन पैमानों पर हो प्रगति की समीक्षा

नई दिल्ली में BRICS बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा कि BRICS के तीसरे दशक में प्रवेश के साथ इन लक्ष्यों पर काम किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि टॉप 10 ट्रेड बैरियर्स को हटाने, हर साल 100 स्टार्टअप्स को दूसरे BRICS बाजारों में आगे बढ़ाने और 1,000 नई बिजनेस पार्टनरशिप बनाने की दिशा में हुई प्रगति की हर साल समीक्षा की जानी चाहिए। PM मोदी ने कहा, “आइए BRICS की महत्वाकांक्षाओं को एक्शन में और अपनी सामूहिक ताकत को ग्लोबल समाधानों में बदलें। BRICS को आगे बढ़ने दें और दुनिया को भी आगे बढ़ाएं।”

सुरक्षित समुद्री रास्तों को बताया जरूरी

प्रधानमंत्री ने ग्लोबल ट्रेड के विकास के लिए सुरक्षित समुद्री रास्तों और खुले सप्लाई रूट्स के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्लोबल ट्रेड में प्रगति तभी संभव है जब समुद्री रास्ते सुरक्षित हों, सप्लाई रूट्स खुले रहें और नाविक सुरक्षित हों। भारत नेविगेशन की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का पक्का समर्थक है।

महिला उद्यमियों की भागीदारी पर जोर

PM मोदी ने BRICS महिला बिजनेस अलायंस को भारत के विजन का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि महिला उद्यमी विकास गाथा का नेतृत्व करें। उनके अनुसार, भारत में आयोजित इस अलायंस की बैठक में लगभग 200 महिला बिजनेस लीडर्स ने हिस्सा लिया।

BRICS नेताओं के साथ ग्रुप फोटो में शामिल हुए PM मोदी

इससे पहले BRICS बिजनेस फोरम 2026 के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय राजधानी में BRICS नेताओं, BRICS बिजनेस काउंसिल के अध्यक्षों और BRICS महिला बिजनेस अलायंस के साथ ग्रुप फोटो में हिस्सा लिया। इसमें ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा समेत कई गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।

BRICS बिजनेस फोरम का क्या है महत्व

BRICS बिजनेस फोरम समूह का मुख्य प्राइवेट-सेक्टर प्लेटफॉर्म है। इसका आयोजन हर साल नेताओं के शिखर सम्मेलन से ठीक पहले उस देश में किया जाता है, जो शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा होता है। फोरम में बिजनेस लीडर्स, मंत्री और राष्ट्राध्यक्ष व्यापार, निवेश, वित्त, टेक्नोलॉजी और विकास से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करते हैं।

व्यापार और निवेश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा

यह फोरम BRICS बिजनेस काउंसिल के विचारों और सुझावों को पेश करने तथा उन पर चर्चा करने का प्लेटफॉर्म भी है। इसके निष्कर्ष और सिफारिशें नियमित रूप से BRICS शिखर सम्मेलन के घोषणापत्रों और फॉलो-अप वर्क प्लान में शामिल की जाती हैं। इनमें व्यापार, निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, MSME, मानकों में सहयोग और वैल्यू-चेन इंटीग्रेशन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता में आयोजित हो रहा फोरम

BRICS बिजनेस फोरम ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब भारत अपनी 2026 की अध्यक्षता के तहत 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। भारत की अध्यक्षता की थीम “लचीलेपन, इनोवेशन, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) है। इसमें विकास, स्थिरता और इनोवेशन मुख्य फोकस क्षेत्र हैं।

BRICS में 11 देश शामिल

BRICS प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल और मल्टीलेटरल संस्थाओं में ‘ग्लोबल साउथ’ के हितों को आगे बढ़ाने के लिए एक अहम प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा है। समूह में अभी 11 देश शामिल हैं—ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और UAE।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में BRICS की हिस्सेदारी

भारत की BRICS अध्यक्षता से जुड़ी जानकारी के अनुसार, BRICS सदस्य मिलकर दुनिया की कुल आबादी का लगभग 49.5 प्रतिशत, ग्लोबल GDP का 40 प्रतिशत और ग्लोबल व्यापार का 26 प्रतिशत हिस्सा हैं। भारत की अध्यक्षता ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया आर्थिक बंटवारे, टेक्नोलॉजी में बदलाव, भू-राजनीतिक अनिश्चितता, जलवायु परिवर्तन और संसाधनों पर दबाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है।

सहयोग और ठोस नतीजों पर जोर

भारत की अध्यक्षता का मकसद BRICS के व्यापक प्रतिनिधित्व को सार्थक सहयोग और ठोस नतीजों में बदलना है। साथ ही अलग-अलग सदस्य देशों के बीच आम सहमति बनाने और मौजूदा व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर है। ऐसे में बिजनेस फोरम भारत की BRICS अध्यक्षता का अहम हिस्सा है, जहां व्यापार, निवेश, फाइनेंस, टेक्नोलॉजी और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।

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