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लाहौर में बिजली संकट का 'शॉक

भीषण गर्मी और बिजली कटौती के बीच लाहौर में फूटा जनता का गुस्सा

पाकिस्तान में खासकर लाहौर में भीषण गर्मी के बीच बार-बार बिजली कटौती से परेशान लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

भीषण गर्मी और बिजली कटौती के बीच लाहौर में फूटा जनता का गुस्सा

Power Cuts and Rising Bills Fuel Anger in Lahore |

लाहौर (पाकिस्तान)। पाकिस्तान में खासकर लाहौर में भीषण गर्मी के बीच बार-बार बिजली कटौती से परेशान लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय मीडिया 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' (TET) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लोग सवाल कर रहे हैं कि लगातार बिजली आपूर्ति ना होने के बावजूद उनके बिजली के बिल इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं।

बिजली की मांग और आपूर्ति में है बड़ा अंतर

अधिकारियों ने बताया कि लाहौर इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (LESCO) के नेटवर्क में बिजली की मांग लगभग 2,400 मेगावाट तक पहुँच गई है जबकि नेशनल पावर कंट्रोल सेंटर (NPCC) से सप्लाई लगभग 2,280 मेगावाट ही है। TET की रिपोर्ट के शहर के कई हिस्सों में कई घंटों तक लोड-शेडिंग (बिजली कटौती) हो रही है।

लाइन लॉस और बिजली चोरी को बताया कारण

LESCO के अधिकारियों का कहना है कि बिजली कटौती की समस्या उन इलाकों में ज्यादा हो रही है जहां लाइन लॉस (बिजली का नुकसान) और बिजली की चोरी ज़्यादा हो रही है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को रोज़ाना दो से चार घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि बिजली कंपनी की इन सफाई के बावजूद लोगों का आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

शहर के कई इलाकों में हो रही अनियमित बिजली कटौती

गौरतलब है कि ग्रीन टाउन, टाउनशिप, चाइना स्कीम, बागबानपुरा, GT रोड और सब्ज़ाज़ार जैसे इलाकों में लंबे समय तक और अक्सर बिना किसी तय समय के बिजली कटौती होना एक आम बात हो गई है। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें तीन घंटे से अधिक समय तक बिना बिजली के रहना पड़ रहा है। उन्होंने शिकायत की कि बिजली कंपनी को बार-बार शिकायत करने के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं होती।

व्यापार और आम जनजीवन प्रभावित

लोगों की यह नाराज़गी पूरे शहर में महसूस की जा सकती है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि अचानक बिजली कटौती होने से उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसका असर घर के कामों से लेकर छोटे-मोटे व्यवसायों तक हर चीज़ पर पड़ रहा है। विशेष रूप से दुकानदारों का कहना है कि उन्हें अपना काम जारी रखने के लिए अब बैकअप जनरेटर पर निर्भर होना पड़ रहा है। इससे उन्हें बिक्री में गिरावट और बढ़ते खर्चों का सामना करना पड़ रहा है।

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