सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने बुधवार को चेतावनी दी कि इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों की सुरक्षा एक रेड लाइन है।
रियाद [सऊदी अरब]: सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने बुधवार को चेतावनी दी कि इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों की सुरक्षा एक "रेड लाइन" है। यह चेतावनी यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा मक्का के नाम से मशहूर पवित्र शहर के दक्षिण में लॉन्च किए गए एक ड्रोन को सऊदी वायु रक्षा बलों द्वारा रोके जाने और नष्ट किए जाने के बाद दी गई है।
प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश से पहले रोका ड्रोन
गठबंधन द्वारा बुधवार को जारी एक बयान के अनुसार, रॉयल सऊदी वायु रक्षा बलों ने मंगलवार शाम को ड्रोन को मक्का के आसपास के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोक लिया। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने इस घटना को "शत्रुतापूर्ण और आतंकवादी कृत्य" बताते हुए कहा कि ड्रोन को "आतंकवादी हूती मिलिशिया" द्वारा लॉन्च किया गया था।
‘दो पवित्र मस्जिदों की सुरक्षा रेड लाइन’
अल-मल्की ने कहा, "दो पवित्र मस्जिदों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा एक रेड लाइन है।" उन्होंने कहा कि गठबंधन की संयुक्त बल कमान हूती आंदोलन के खिलाफ "आवश्यक और निवारक उपाय करने में संकोच नहीं करेगी।" गठबंधन ने कहा कि यह घटना मक्का को निशाना बनाने का दूसरा प्रयास था। इससे पहले 27 जुलाई, 2017 को एक बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया गया था। अल-मल्की ने इस ताजा घटना को "ईश्वरीय संदेश की जन्मभूमि, संदेश की भूमि और दुनिया भर के लाखों मुसलमानों के दिलों को आकर्षित करने वाले गंतव्य" को निशाना बनाने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि यह तीर्थयात्रियों को आतंकित करने और नागरिकों व निवासियों को नुकसान पहुंचाने का भी प्रयास था।
सऊदी अरब और हूतियों के बीच बढ़ा आरोप-प्रत्यारोप
सऊदी अरब का यह बयान यमन में सैन्य अभियानों को लेकर गठबंधन बलों और रियाद तथा हूतियों के बीच बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप के बीच आया है। मंगलवार को हमले के प्रयास से पहले टेलीग्राम पर पोस्ट किए गए एक बयान में हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने कहा कि सऊदी युद्धक विमानों ने पिछले 24 घंटों में खमीस मुशैत और तैफ हवाई अड्डों से संचालित एफ-15 और टाइफून विमानों का उपयोग करके 52 हवाई हमले किए थे।
हूती प्रवक्ता ने नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का लगाया आरोप
सरी ने आरोप लगाया कि इन हमलों में तैज़ प्रांत में स्कूलों, पुलों और सड़कों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि अल-जॉफ, अल-बायदा, सादा और अमरान प्रांतों में भी अन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। उद्धृत बयानों में इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। सरी ने बयान में कहा, "इन क्रूर हमलों का जवाब जरूर दिया जाएगा।"
बाब-अल-मंडेब के आसपास बढ़ा तनाव
ये ताजा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं, जब पश्चिम एशिया का संघर्ष यमन और सऊदी-हूती मोर्चे तक फैल रहा है, जिससे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य के आसपास तनाव बढ़ रहा है। हूतियों ने समुद्री गलियारे में वाणिज्यिक जहाजों को भी निशाना बनाया है, जिससे व्यापक क्षेत्रीय तनाव के बीच यह जलमार्ग चिंता का एक प्रमुख विषय बन गया है। मक्का को लेकर सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की चेतावनी रियाद और हूती आंदोलन के बीच बयानबाजी में और वृद्धि का संकेत देती है।
(एएनआई)
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