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रिलायंस के बयान पर स्टारलिंक ने दी प्रतिक्रिया

रिलायंस के बयान पर स्टारलिंक का जवाब, कहा- 'भारत को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने के लिए तैयार'

रिलायंस के सैटेलाइट इंटरनेट क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का स्वागत करने के बाद स्टारलिंक ने कहा कि वह भारत में हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा देने के लिए तैयार है।

रिलायंस के बयान पर स्टारलिंक का जवाब कहा- भारत को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने के लिए तैयार

Starlink Responds to Reliance, Says It Is Ready to Connect India With High-Speed Internet |

वाशिंगटन DC (अमेरिका)। एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने के लिए तैयार है। कंपनी के मुताबिक, वह पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से भारत में नियामकों, उद्योग जगत के हितधारकों और ऑपरेटरों के साथ काम कर रही है। स्टारलिंक की यह प्रतिक्रिया रिलायंस इंडस्ट्रीज के उस बयान के बाद आई, जिसमें कंपनी ने भारतीय सैटेलाइट कम्युनिकेशन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का स्वागत किया था। रिलायंस ने साथ ही सभी कंपनियों के लिए भारतीय कानूनों और नीतियों का पालन जरूरी बताया।

स्टारलिंक ने भारत में बुनियादी ढांचा तैयार करने का किया दावा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में स्टारलिंक ने कहा, "हमने भारत में रेगुलेटर्स, इंडस्ट्री और ऑपरेटर्स के साथ 5 साल से अधिक समय तक मिलकर काम किया है। हमने भारत के भीतर ही समर्पित सिस्टम, गेटवे और अन्य बुनियादी ढांचे का एक नेटवर्क तैयार किया है, ताकि भारतीय ट्रैफिक को सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से सेवा दी जा सके - और यह सब जरूरी सरकारी मंजूरियों के साथ किया गया है।" कंपनी ने आगे कहा, "स्टारलिंक भारत को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने के लिए तैयार है।"

रिलायंस ने प्रतिस्पर्धा का स्वागत किया, नियमों पर दिया जोर

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने बयान में कहा कि भारतीय बाजार निवेश और नवाचार का स्वागत करता है, चाहे निवेश देश से आए या विदेश से। कंपनी ने कहा कि यह खुलापन कानून के शासन पर आधारित है और भारत सरकार सभी आवेदकों के लिए समान प्रक्रिया अपनाती है। रिलायंस ने यह भी स्पष्ट किया कि जियो की सैटेलाइट सेवाओं को अभी मंजूरी का इंतजार है।

जियो ने 53 करोड़ से अधिक ग्राहकों का भरोसा जीतने का किया दावा

रिलायंस ने अपने बयान में जियो की शुरुआत और उसके विस्तार का भी उल्लेख किया। कंपनी के अनुसार, जियो ने 2016 में भारत के प्रतिस्पर्धी टेलीकॉम बाजार में एक नई कंपनी के रूप में प्रवेश किया था और उस समय उसके पास कोई ग्राहक नहीं था। रिलायंस ने कहा कि महज दस वर्षों में जियो ने 53 करोड़ (530 मिलियन) से अधिक ग्राहकों का भरोसा हासिल किया और भारतीयों को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तथा किफायती डेटा उपलब्ध कराया।

कंपनी ने कहा, "हम सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेक्टर में प्रतिस्पर्धा का स्वागत करते हैं, जिसमें स्टारलिंक भी शामिल है। जियो सहित सभी कंपनियों को भारत के लोगों की सेवा करनी चाहिए और देश के कानूनों व नीतियों का पालन करना चाहिए।"



 

एलन मस्क ने रिलायंस पर लगाए थे आरोप

रिलायंस का यह बयान स्पेसएक्स के CEO एलन मस्क की उन टिप्पणियों के बाद आया, जिनमें उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ निहित स्वार्थ वाले लोग भारत में स्टारलिंक की एंट्री रोकने की कोशिश कर रहे हैं। मस्क ने X पर पोस्ट करते हुए रिलायंस के समर्थकों के तर्कों की आलोचना की और भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा को लेकर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा, "अंबानी की इंटरनेट पर मौजूद 'सेना' (समर्थकों) के बेतुके तर्कों का कोई मतलब नहीं है। एक तरफ, वे कहते हैं कि स्टारलिंक भारत में अंबानी की लगभग एकाधिकार वाली स्थिति के कारण दी जा रही बेहद कम कीमतों का मुकाबला नहीं कर सकता; और दूसरी ही सांस में, वे यह भी दावा करते हैं कि स्टारलिंक एक बहुत मजबूत प्रतियोगी साबित होगा! यह पूरी तरह से पाखंड और बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात है।"

मस्क बोले- प्रतिस्पर्धा से भारतीय उपभोक्ताओं को होगा फायदा

मस्क ने कहा कि प्रतिस्पर्धा बढ़ने से मौजूदा कंपनियों के मुनाफे में कमी आ सकती है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि उनके कारोबार पर अस्तित्व का खतरा पैदा हो जाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धा से उपभोक्ताओं को अतिरिक्त विकल्प मिलते हैं।

मस्क ने कहा, "असल बात तो यह है कि प्रतिस्पर्धा से भारत के आम नागरिकों को बहुत फायदा होगा, क्योंकि उन्हें चुनने के लिए और अधिक विकल्प मिलेंगे—जैसा कि हमेशा होता है। अंबानी का मुनाफा भले ही कम हो जाए, लेकिन उनका कारोबार बंद नहीं होने वाला है।"

भारत के सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में प्रतिस्पर्धा पर नजर

स्टारलिंक और रिलायंस के बयानों से भारत के सैटेलाइट कम्युनिकेशन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और नियामकीय मंजूरियों का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है। स्टारलिंक ने भारत में सेवा देने की तैयारी और बुनियादी ढांचे का उल्लेख किया है, जबकि रिलायंस ने प्रतिस्पर्धा का स्वागत करते हुए सभी कंपनियों के लिए भारतीय कानूनों और नीतियों के पालन को जरूरी बताया है। जियो की सैटेलाइट सेवाओं को भी अभी मंजूरी का इंतजार है। (Source: ANI)

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