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ट्रंप का दावा, ब्राजील चुनाव में हुई धांधली

ट्रंप का दावा- ब्राजील के चुनावों में हुई 'धांधली', बोले- प्रक्रिया बेहद भ्रष्ट और खराब लगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील के चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई और पूरी दुनिया में इसका बेहद खराब संदेश गया।

ट्रंप का दावा- ब्राजील के चुनावों में हुई धांधली बोले- प्रक्रिया बेहद भ्रष्ट और खराब लगी

Trump Alleges Fraud in Brazil Elections |

आयोवा (अमेरिका): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील के चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई और पूरी दुनिया में इसका बेहद खराब संदेश गया। हालांकि, ट्रंप ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया। ब्राजील में वामपंथी वर्कर्स पार्टी (PT) के नेता लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा ने राष्ट्रपति पद के चुनाव में कट्टर दक्षिणपंथी उम्मीदवार फ्लेवियो बोल्सोनारो को हराकर जीत हासिल की। पहले दौर में दोनों उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ था, जिसके बाद दूसरे दौर में फैसला हुआ। आयोवा के एंड्रयू में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि लोकतांत्रिक चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल नहीं उठने चाहिए। उन्होंने ब्राजील में चुनाव कराने के तरीके पर असंतोष जताया। ट्रंप ने कहा, “मुझे यह बहुत बुरा लगा। मुझे लगा कि यह एक और धांधली वाला चुनाव था। मैंने किसी का पक्ष नहीं लिया, लेकिन दुनिया के लिए यह बहुत खराब दिख रहा था। चुनावों पर कोई सवाल नहीं होना चाहिए। मैंने चुनाव देखा और यह बहुत भ्रष्ट और भयानक लग रहा था।”

ब्राजील के चुनाव में दखल देने पर क्या बोले ट्रंप?

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह ब्राजील के चुनाव में हस्तक्षेप करना चाहते हैं या इस संबंध में कोई कदम उठाएंगे, तो उन्होंने कहा कि उनकी जिम्मेदारी अमेरिका का नेतृत्व करना है। साथ ही, उन्होंने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का भी जिक्र किया। ट्रंप ने कहा, “मैं ब्राजील नहीं, अमेरिका चला रहा हूं। मुझे लूला पसंद हैं और उनके साथ मेरी अच्छी बनती है। मुझे बस लगता है कि चुनाव जिस तरह से कराए गए, वह बहुत खराब था। समय बढ़ाए जाने जैसी बातें भी काफी अजीब थीं।”

लैटिन अमेरिका में दक्षिणपंथी राजनीति को झटका

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, लूला की जीत से लैटिन अमेरिका में कट्टर दक्षिणपंथी उम्मीदवारों की चुनावी सफलता का सिलसिला थमा है। ऐसे उम्मीदवारों को सत्ता विरोधी भावना, अपराध को लेकर चिंताओं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ करीबी सहयोग के वादों से फायदा मिला था। लूला की जीत को उनकी बड़ी राजनीतिक वापसी के रूप में देखा जा रहा है। पहले दौर में बोल्सोनारो से पीछे रहने के बाद उन्होंने दूसरे दौर में जीत हासिल की। पहले दौर में किसी भी उम्मीदवार को आवश्यक बहुमत नहीं मिला था, जिसके कारण दूसरे दौर का मतदान हुआ। जीत के बाद लूला ने उनका समर्थन करने वाले मतदाताओं और लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रयास करने वाले लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा, “ब्राजील के लोगों, लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने वाले युवाओं और देश के भविष्य की रक्षा के लिए वोट देने वाले हर व्यक्ति का मैं हमेशा आभारी रहूंगा। आप सभी मुझे प्रेरित करते हैं और मेरी उम्मीद को फिर से जगाते हैं। यह जीत उन लोगों की है, जो विश्वास करते हैं, संघर्ष करते हैं और अधिक न्यायपूर्ण, स्वतंत्र तथा लोकतांत्रिक ब्राजील बनाने की कोशिश में हार नहीं मानते।”

(ANI)

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