डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर प्रस्तावित अमेरिकी टैरिफ प्रावधानों को रोक दिया है। भारत ने संबंधित अमेरिकी कानून को लेकर अपनी चिंताएं पहले ही दर्ज कराई थीं।
वाशिंगटन DC (अमेरिका)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शन्स रशिया एंड ईरान एक्ट' के तहत लागू होने वाले कई प्रतिबंधात्मक टैरिफ प्रावधानों को हटा दिया है। कानून पर हस्ताक्षर किए जाने के करीब एक महीने बाद यह कदम उठाया गया है। इन प्रावधानों के तहत रूस से कच्चा तेल या प्राकृतिक गैस आयात करने वाले पांच सबसे बड़े देशों, जिनमें भारत और चीन शामिल हैं, से अमेरिका आने वाले सामान पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान था।
राष्ट्रपति ने कानून की धारा 115 का किया इस्तेमाल
ट्रम्प ने अपने फैसले के लिए ग्राहम एक्ट की धारा 115 का इस्तेमाल किया। इस धारा के तहत राष्ट्रपति को किसी विदेशी व्यक्ति या संस्था पर लगाए गए प्रतिबंधों, पाबंदियों या शुल्कों को हटाने का अधिकार मिलता है। ट्रम्प ने अपने आदेश में कहा, "मैंने कांग्रेस को एक प्रमाण पत्र सौंपा है, जिसमें बताया गया है कि इस तरह की छूट देना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। साथ ही, मैंने एक रिपोर्ट भी दी है जिसमें इस प्रमाण पत्र का आधार स्पष्ट किया गया है। यह 'ग्राहम एक्ट' की धारा 115(b) के अनुरूप है।"
रूस से आयात पर 500% तक टैरिफ लगाने के प्रावधान भी हटाए
ट्रम्प ने कानून की धाराओं 112 और 113 के तहत लागू होने वाले शुल्क प्रावधानों को भी हटा दिया है। इन धाराओं के तहत रूस से अमेरिका आयात होने वाले सामान पर 500% तक टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया था। इसके अलावा, रूस से कच्चा तेल या प्राकृतिक गैस खरीदने वाले पांच सबसे बड़े देशों से अमेरिका आने वाले सामान पर 100% तक शुल्क लगाने का प्रावधान था। इन प्रावधानों को रोकने का फैसला ऐसे समय आया है, जब अमेरिका में नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं।
रूस के साथ डीजल आपूर्ति समझौते की घोषणा
ट्रम्प ने रूस के साथ डीजल आपूर्ति समझौते की भी घोषणा की है। इसके तहत रूस तुरंत 3,00,000 टन से अधिक डीजल की आपूर्ति करेगा। इसके बाद नवंबर में 5,00,000 टन और उसके तुरंत बाद 1 मिलियन टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। ट्रम्प ने इस समझौते को एक बड़ी डील बताया और अमेरिका को भारी मात्रा में डीजल की आपूर्ति करने पर सहमति जताने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का आभार व्यक्त किया।
ट्रुथ सोशल पर ट्रम्प ने अतिरिक्त आपूर्ति का किया जिक्र
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर कहा कि रूस की डीजल रिफाइनरियों की स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में 3 मिलियन टन और डीजल की आपूर्ति की जा सकती है। रूस के साथ हुए इस समझौते का जिक्र अमेरिकी टैरिफ प्रावधानों में बदलाव के बीच आया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह अतिरिक्त आपूर्ति आने वाले समय में संभावित है।
अमेरिकी कानून को लेकर भारत ने जताई थी चिंता
रूस से व्यापार करने वाले देशों पर टैरिफ लगाए जाने की आशंका के बीच भारत ने 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' को लेकर अमेरिका के सामने अपनी चिंताएं दर्ज कराई थीं। भारत की चिंता विशेष रूप से रूस के साथ व्यापारिक संबंधों को प्रभावित करने वाले अमेरिकी कानूनी प्रावधानों से जुड़ी है।
विदेश मंत्रालय ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता पर दिया जोर
बुधवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अमेरिका और रूस के बीच डीजल समझौते पर भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, "जहां तक डीजल डील की बात है, हम दो देशों के बीच हुए व्यावसायिक समझौतों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। बस इतना कह सकते हैं कि हमने हमेशा वैश्विक ऊर्जा बाजारों में स्थिरता की वकालत की है।"
भारत ने SRIA कानून पर अमेरिका के सामने रखी आपत्तियां
रणधीर जायसवाल ने यह भी बताया कि भारत ने रूस के साथ व्यापारिक संबंधों को निशाना बनाने वाले अमेरिकी कानूनी कदमों, खासकर 'सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट' (SRIA), को लेकर अपनी चिंताएं सीधे अमेरिकी पक्ष के सामने रखी हैं। उन्होंने कहा, "हमने SRIA कानून को लेकर अपनी चिंताएं अमेरिकी पक्ष को पहले ही बता दी हैं।" (Source: ANI)
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