फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (स्थानीय समय) को कहा कि उन्हें मिली शुरुआती जानकारी के आधार पर फ्लाईदुबई के सह-पायलट का ईरान से संबंध हो सकता है।
वॉशिंगटन [अमेरिका]: फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (स्थानीय समय) को कहा कि उन्हें मिली शुरुआती जानकारी के आधार पर फ्लाईदुबई के सह-पायलट का ईरान से संबंध हो सकता है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है।
ट्रंप बोले- जानकारी के आधार पर जवाब हां
मरीन वन में सवार होते समय फॉक्स न्यूज के एक रिपोर्टर से बात करते हुए ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें सह-पायलट के संभावित ईरानी संबंध के बारे में जानकारी दी गई थी। ट्रंप ने कहा, "जो जानकारी मुझे मिल रही है, उसके आधार पर मेरा जवाब हां है, लेकिन हम इस पर काम कर रहे हैं।" जब उनसे विशेष रूप से पूछा गया कि क्या ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने सह-पायलट को वहां तैनात किया था या वह किसी अन्य माध्यम से कट्टरपंथी बना, तो ट्रंप ने कहा, "ऐसा हो सकता है।"
ईरान कनेक्शन की जांच जारी
ट्रंप की यह टिप्पणी इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बयानों के बाद आई है। नेतन्याहू ने इससे पहले कहा था कि यह पुष्टि करना अभी जल्दबाजी होगी कि सह-पायलट का ईरान से कोई संबंध है या नहीं। इजरायली विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मिखाल मायान ने भी कहा कि जांचकर्ता वैचारिक उद्देश्यों, संभावित सहयोगियों और घटना की पूर्व-योजना समेत सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है। मायान ने कहा, "आज सुबह प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ओमानी पायलट के इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होने के बारे में बात की, और यह निश्चित रूप से एक ऐसा पहलू है जिसकी हम जांच कर रहे हैं। हालांकि, अभी भी हर चीज खुली है और बारीकी से जांच की जा रही है।"
नेतन्याहू ने कट्टरपंथी विचारधारा का किया जिक्र
दिन में पहले नेतन्याहू ने कहा था कि फ्लाईदुबई विमान में कैप्टन स्मित माच्छर पर हमला करने वाले सह-पायलट ने कथित तौर पर कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रभावित होने का प्रशिक्षण लिया था। उन्होंने बताया कि सह-पायलट से पूछताछ की जा रही है और इजरायली जांचकर्ता भी इसमें शामिल हो गए हैं। नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज से कहा, "हमलावर, सह-पायलट जिसने कैप्टन पर हमला किया, से पूछताछ की जा रही है। अब तक हमें जो पता चला है, उससे पता चलता है कि उसे कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा का प्रशिक्षण दिया गया था।" उन्होंने आगे कहा कि शुरुआती जांच से ऐसा प्रतीत होता है कि सह-पायलट विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश कर रहा था।
विमान में क्या हुआ था?
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी, जब सह-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित माच्छर पर चाकू से हमला किया और विमान पर नियंत्रण करने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। नेतन्याहू के अनुसार, सह-पायलट को काबू करने के लिए उसके हाथ बांधने पड़े और वह चालक दल से उसे मारने की बात कह रहा था। हालांकि, घटना के पीछे की पूरी वजह और संभावित विदेशी संबंधों की जांच अभी जारी है।
ईरान पर ट्रंप प्रशासन का दबाव
इस बीच, ट्रंप प्रशासन की ओर से ईरान पर दबाव बढ़ाने की कार्रवाई भी जारी है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने दावा किया कि ट्रंप प्रशासन के प्रतिबंधों के तहत ईरान के कच्चे तेल के निर्यात को रोक दिया गया है। X पर एक पोस्ट में बेसेंट ने कहा, “ईरान ने सितंबर में टैंकरों पर एक भी कच्चा तेल नहीं लादा। ट्रंप प्रशासन ईरानी शासन के राजस्व के सबसे महत्वपूर्ण स्रोत को काट रहा है। ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट उन आर्थिक जीवन रेखाओं को काट रहा है जिनके सहारे तेहरान अपने आतंकवादी एजेंडे को वित्त पोषित कर रहा था।” ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा, “ईरान का अंत बहुत जल्द होगा – चाहे जैसे भी हो।”
(एएनआई)
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