अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष को रोकने में अपनी भूमिका का दावा दोहराते हुए कहा कि स्थिति परमाणु युद्ध तक पहुंच सकती थी।
Trump Reiterates Claim of Preventing India-Pakistan Conflict, Warns of Nuclear War Risk |
मिल्डेनहॉल (ब्रिटेन)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने में उनकी भूमिका रही थी। उन्होंने कहा कि दोनों परमाणु-सशस्त्र देशों के बीच संघर्ष आगे बढ़कर परमाणु युद्ध का रूप ले सकता था, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान जा सकती थी।
भारत और पाकिस्तान के बीच करीब एक सप्ताह तक जारी तनाव बेहद गंभीर
ब्रिटेन के आरएएफ मिल्डेनहॉल में एयर फोर्स वन से पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच करीब एक सप्ताह तक जारी तनाव बेहद गंभीर स्थिति तक पहुंच गया था। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान कई विमान गिराए गए और हालात परमाणु टकराव की दिशा में बढ़ रहे थे। ट्रंप ने दोहराया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संघर्ष को रोकने में उनके प्रयासों की सराहना की थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से यह दावा किया गया कि उनके हस्तक्षेप से करोड़ों लोगों की जान बची।
कई युद्धों और विवादों को समाप्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका
अमेरिकी राष्ट्रपति ने बातचीत के दौरान अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को सुलझाने के अपने रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कई युद्धों और विवादों को समाप्त कराने में भूमिका निभाई है और इसके उदाहरण के रूप में अजरबैजान-अर्मेनिया तथा कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य-रवांडा के बीच हुए संघर्षों का जिक्र किया।
मारिया कोरिना मचाडो से जुड़े सवाल के जवाब में टिप्पणी
ट्रंप ने ये टिप्पणियां वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो से जुड़े सवाल के जवाब में कीं। उन्होंने मचाडो को एक "अद्भुत व्यक्ति" बताते हुए कहा कि उन्होंने संघर्षों के समाधान में ट्रंप की भूमिका की प्रशंसा की है। इसी संदर्भ में ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार का भी उल्लेख किया और कहा कि युद्धों को समाप्त कराने के उनके प्रयासों को देखते हुए वह इस सम्मान के योग्य हैं।
कई विवादों को सुलझाने में टैरिफ की धमकी रही प्रभावी
इससे पहले एक साक्षात्कार में भी ट्रंप ने दावा किया था, कि भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित बड़े संघर्ष को रोकने के लिए उन्होंने व्यापार शुल्क लगाने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था, कि कई विवादों को सुलझाने में टैरिफ की धमकी प्रभावी रही। भारत-पाकिस्तान तनाव की पृष्ठभूमि अप्रैल 2024 में हुए पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ी है, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर कार्रवाई की थी।
भारत ने अमेरिकी मध्यस्थता के दावे को किया खारिज
हालांकि, भारत ने लगातार किसी भी अमेरिकी मध्यस्थता के दावे को खारिज किया है। नई दिल्ली का कहना है कि दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव कम करने का निर्णय भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियानों के महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच सीधे संवाद के माध्यम से हुआ था। भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान से जुड़े सभी मुद्दों पर उसकी नीति द्विपक्षीय बातचीत की रही है और किसी तीसरे पक्ष की भूमिका स्वीकार नहीं की जाएगी। (एएनआई)
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