अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव को हमेशा के लिए खत्म करने की दिशा में एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है।
बर्गेंस्टॉक (स्विट्जरलैंड)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव को हमेशा के लिए खत्म करने की दिशा में एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। व्हाइट हाउस ने तेहरान (ईरान) के साथ अपने दशकों पुराने खराब रिश्तों को पूरी तरह बदलने के लिए एक नए कूटनीतिक रास्ते की शुरुआत की है। स्विट्जरलैंड में चल रही अहम शांति वार्ता के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को साफ किया कि राष्ट्रपति ट्रम्प पूरे क्षेत्र में पूर्ण युद्धविराम (सीजफायर) लागू कराने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं।
स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में ऐतिहासिक वार्ता
स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में रविवार को दोनों देशों के बड़े प्रतिनिधिमंडलों के पहुंचने के बाद इस कूटनीतिक प्रयास में तेजी आई है। यह बातचीत तकनीकी स्तर पर हो रही है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच के मुख्य विवादों को सुलझाना है। इस बातचीत की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिकी टीम में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ शीर्ष वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जारेड कुश्नर शामिल हैं। दूसरी ओर, ईरानी टीम आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, तेहरान के प्रतिनिधिमंडल में वहां के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ-साथ केंद्रीय बैंक और तेल मंत्रालय के प्रमुख अधिकारी मौजूद हैं।
युद्धविराम हमेशा थोड़े पेचीदा होते हैं
इस लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेडी वेंस ने जमीनी हकीकत को स्वीकार करते हुए कहा, "ट्रम्प पूर्ण क्षेत्रीय युद्धविराम देखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" कई पक्षों के बीच होने वाले इन समझौतों को लागू करने में आने वाली दिक्कतों पर उन्होंने कहा, "इस तरह के युद्धविराम हमेशा 'थोड़े पेचीदा' होते हैं।" वेंस ने ईरान के साथ रिश्तों पर खुलकर बात की और कहा, "ट्रम्प ने हमसे ईरान के लोगों के साथ संबंधों को बदलने के लिए 'एक नया अध्याय शुरू करने' को कहा है। अब हम एक साथ ऐसा भविष्य देख रहे हैं जहां हर कोई शांति और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर सके।"
मध्य पूर्व में स्थायी बदलाव की कोशिश
व्हाइट हाउस से मिली राजनीतिक छूट और लचीलेपन की तारीफ करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले कुछ घंटों में तकनीकी वार्ताओं में काफी अच्छी प्रगति हुई है। उन्होंने साफ किया कि ट्रम्प ने बातचीत करने वाली टीम को व्यापक समझौतों के रास्ते तलाशने की पूरी आजादी दी है। ईरान की पुरानी भूमिका पर बात करते हुए वेंस ने कहा, "ईरान क्षेत्रीय अस्थिरता का एक बड़ा कारण रहा है।" उन्होंने आगे जोड़ा कि ट्रम्प प्रशासन सैन्य टकराव के बजाय बातचीत के जरिए स्थायी शांति चाहता है।
गोलाबारी के कारण देरी से शुरू हुई वार्ता
स्विट्जरलैंड में हो रही यह अहम वार्ता असल में पिछले शुक्रवार को ही शुरू होने वाली थी। हालांकि, हाल ही में इजरायल और लेबनान के बीच हुई भारी गोलाबारी के कारण इस कूटनीतिक समयसीमा पर खतरा मंडराने लगा था, जिसकी वजह से इस बैठक में अचानक और अप्रत्याशित देरी हुई।
ऊर्जा संकट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर सस्पेंस
इस कूटनीतिक हलचल का सीधा संबंध दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग, 'होर्मुज जलडमरूमध्य' से जुड़ा है, जहां से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा की आपूर्ति होती है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त सैन्य हमलों के बाद तेहरान ने इस रास्ते को बंद कर दिया था, लेकिन 17 जून को हुए शुरुआती समझौते (MoU) के बाद इसे फिर से खोल दिया गया था। फिलहाल समुद्री रास्ते को लेकर स्थिति काफी विरोधाभासी बनी हुई है। शनिवार को तेहरान ने दावा किया कि इजरायल द्वारा लेबनान पर किए गए हमले के विरोध में उसने इस जलमार्ग को फिर से बंद कर दिया है। इसके विपरीत, संयुक्त राज्य अमेरिका का दृढ़ता से कहना है कि यह समुद्री मार्ग अभी भी खुला हुआ है। (Source: ANI)
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