ट्रंप ने अपने पोस्ट में बताया है कि ईरान ने कभी भी परमाणु हथियार नहीं रखने पर सहमति जताई है।
वॉशिंगटन DC: डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा है कि ईरान ने कभी भी परमाणु हथियार नहीं रखने पर सहमति जताई है। ये सुनकर लगता है कि शायद कुछ उम्मीद है। लेकिन, उन्होंने यह भी कहा कि जो खबरें ये बता रही हैं कि अमेरिका ईरान को 300 मिलियन डॉलर दे रहा है, वो पूरी तरह से "फेक न्यूज़" हैं।
ट्रंप ने पोस्ट कर दी जानकारी
ट्रंप ने अपने पोस्ट में बताया कि उनका प्रशासन ईरान के साथ एक ऐसा समझौता कर रहा है जो ये सुनिश्चित करेगा कि तेहरान कभी भी परमाणु हथियार विकसित न कर सके। ये बात अमेरिका और ईरान के बीच चल रही चर्चाओं के बीच आई है, जो भविष्य के संबंधों की दिशा तय कर सकती है। तो, क्या ये समझौता वाकई में काम करेगा?
ट्रंप के शब्द एक बयान नहीं, बल्कि मजबूत प्रतिबद्धता है- जेडी वेंस
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने राष्ट्रपति के रुख का समर्थन करते हुए कहा है कि ट्रंप के राजनयिक प्रयासों ने एक बार फिर से ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने में मदद की है। वेंस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति का एक ही संदेश है- "ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे।" ये सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि मजबूत प्रतिबद्धता है।
ट्रंप के प्रयासों से शांति की दिशा में कदम- नेतन्याहू
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस बात की पुष्टि की है कि किसी भी समझौते के बावजूद ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने देंगे। यह एक महत्वपूर्ण समय है, जब अमेरिका और ट्रंप के प्रयासों ने शांति की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
ईरान के पास नहीं होंगे परमाणु हथियार- नेतन्याहू
नेतन्याहू का कहना है कि ईरान के परमाणु हथियारों के खिलाफ उनकी लड़ाई दशकों पुरानी है। वो इसे अपने जीवन का मिशन मानते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक वो इजरायल के प्रधानमंत्री हैं, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। ये एक मजबूत बयान है!
ईरान ने किया न्यूक्लियर इंस्पेक्शन और क्षेत्रीय उग्रवाद को समर्थन नहीं देने का वादा
अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप और वेंस द्वारा हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत का एक नया ढांचा तैयार करता है। इसमें ईरान के न्यूक्लियर इंस्पेक्शन और क्षेत्रीय उग्रवाद को समर्थन न देने के वादों पर सहयोग शामिल है।
न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकने पर ईरान को मिलेगी प्रतिबंधों में राहत
प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि अगर ईरान अपने न्यूक्लियर हथियारों के विकास को रोकने में सहयोग करता है, तो उन्हें प्रतिबंधों में राहत मिलेगी। इस हफ्ते जिनेवा में इस समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।