अमेरिकी सीनेटर बर्नी मोरेनो ने कहा कि वे एक ऐसा कानून लाने की योजना बना रहे हैं जिसका मकसद चीनी कारों और ऑटो पार्ट्स को अमेरिका के बाज़ार में आने से रोकना है।
वॉशिंगटन (अमेरिका)। अमेरिकी सीनेटर बर्नी मोरेनो ने कहा कि वे एक ऐसा कानून लाने की योजना बना रहे हैं जिसका मकसद चीनी कारों और ऑटो पार्ट्स को अमेरिका के बाज़ार में आने से रोकना है। द एपोक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक न्यूयॉर्क शहर में 31 मार्च को आयोजित ऑटोमोटिव फ़ोरम में बोलते हुए मोरेनो ने कहा, यहाँ कोई चीनी कार नहीं होगी और। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि लैटिन अमेरिका, मेक्सिको, कनाडा और यूरोप जैसे क्षेत्र भी ऐसे ही मानक अपनाएँगे। ऑटोमोटिव क्षेत्र, संयुक्त राज्य अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा के बीच होने वाले व्यापार के पाँचवें हिस्से से भी ज़्यादा है। यह अमेरिका-मेक्सिको व्यापार में सबसे बड़ा हिस्सा है।
यूरोप सख्त लेकिन कनाडा का रुख अलग
यूरोपीय संघ ने भी चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर भारी टैरिफ लगाकर अपना रुख कड़ा कर लिया है। उसका मानना है कि इन गाड़ियों को गलत तरीके से यूरोपीय बाजार में खपाया जा रहा है। हालांकि, कुछ अन्य सहयोगियों का नजरिया अलग रहा है। उदाहरण के तौर पर, कनाडा ने जनवरी में चीन के साथ एक समझौता किया था जिसके तहत टैरिफ खत्म कर सालाना 49,000 चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों के आयात की अनुमति दी गई थी। इसे पांच वर्षों में बढ़ाकर 70,000 करने की योजना है। उस समय कार निर्माताओं ने चेतावनी दी थी कि पूर्ण प्रतिबंध से बाजार में पहले से मौजूद वाहनों पर असर पड़ सकता है और उन्होंने नियमों के पालन के लिए और समय की मांग की थी। रिपोर्ट के मुताबिक ये नियम मुख्य रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण बनाए गए थे, क्योंकि अधिकारियों ने पुष्टि की थी कि चीनी सरकार समर्थित हैकर्स ने अमेरिकी बुनियादी ढांचे में सेंध लगाई है।
सुरक्षा चिंता के चलते सॉफ्टवेयर नियम हुए और कड़े
मार्च 2025 में ऐसे संघीय नियम लागू हुए जिनमें कार कंपनियों के लिए यह प्रमाणित करना अनिवार्य कर दिया गया कि उनके वाहनों में कोई चीनी सॉफ्टवेयर नहीं है। बीते 17 मार्च 2026 तक सभी निर्माताओं को इन नियमों के पालन की पुष्टि करनी थी। इस बार अमेरिकी कार निर्माता और उद्योग संगठन चीनी वाहनों के खिलाफ सख्त कदमों का समर्थन करते दिख रहे हैं। उन्होंने हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से चीनी कंपनियों की अनुचित व्यापारिक नीतियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
सख्ती के समर्थन में आई अमेरिकी ऑटो इंडस्ट्री
ऑटोमोबाइल क्षेत्र के पांच प्रमुख समूहों ने 12 मार्च 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप को एक पत्र लिखकर मांग की कि वे अपनी चीन यात्रा से पहले बाइडन काल के नियमों को बरकरार रखें और किसी भी तरह की ढील न दें। इस पत्र में यह भी कहा गया कि प्रशासन को चीनी निर्माताओं द्वारा अमेरिका में अपनी फैक्ट्रियां लगाकर इन प्रतिबंधों से बचने की किसी भी कोशिश को रोकना चाहिए। इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में एलायंस फॉर ऑटोमोटिव इनोवेशन और नेशनल ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन जैसे बड़े संगठन शामिल थे।
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