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अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ वॉर का फैसला

यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड ने नाम बदल कर यूएस पैसिफिक कमांड किया

डिपार्टमेंट ऑफ वॉर ने USINDOPACOM का नाम बदलकर USPACOM कर दिया है।

यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड ने नाम बदल कर यूएस पैसिफिक कमांड किया

यूएस पैसेफिक कमांड |

हवाई: डिपार्टमेंट ऑफ वॉर ने USINDOPACOM का नाम बदलकर USPACOM कर दिया है। ये नाम 1947 से है, जब पूर्व राष्ट्रपति हैरी एस ट्रूमैन ने इसे स्थापित किया था। 70 सालों तक USPACOM ने अमेरिका के सबसे बड़े लड़ाकू कमांड के रूप में काम किया।

ऐतिहासिक जड़ों का सम्मान

अब, इस नाम को फिर से अपनाने से अपनी ऐतिहासिक जड़ों का सम्मान कर रहे हैं और प्रशांत क्षेत्र में सेवा करने वाले सभी लोगों में गर्व का एहसास बढ़ा रहे हैं। ये नाम न सिर्फ हमारी सैन्य विरासत का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्रीय साझेदारियों की स्थिरता का भी है।

USPACOM की जिम्मेदारी का क्षेत्र में बदलाव नहीं

USPACOM की जिम्मेदारी का क्षेत्र वही रहेगा, जो अमेरिका के पश्चिमी तट से लेकर भारत की पश्चिमी सीमा तक फैला है। इसका मिशन एक स्वतंत्र और खुले क्षेत्र को बनाए रखना है, जो नहीं बदलेगा।

युद्ध रोकना और सुरक्षा सुनिश्चित करना मिशन

डिपार्टमेंट ऑफ वॉर अमेरिका की सबसे बड़ी सरकारी एजेंसी है। इसकी जड़ें क्रांति-पूर्व के समय से जुड़ी हैं। इसका मिशन है- युद्ध को रोकना और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना। इसके पास 11 कॉम्बैटेंट कमांड हैं, जो शांति और युद्ध दोनों समय में सैन्य बलों की कमान संभालते हैं।

साझेदारों के साथ मिल कर काम करता है कमांड

US पैसिफिक कमांड, जिसे एडमिरल सैमुअल पापारो लीड कर रहे हैं। ये सुरक्षा बढ़ाने और आक्रामकता को रोकने के लिए अपने साझेदारों के साथ मिलकर काम करता है। ये न केवल निरीक्षण और जांच करते हैं, बल्कि कमांड की तैयारी और युद्ध-क्षमता को भी बेहतर बनाते हैं। 

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