कच्चे तेल की कीमतों में लगातार आ रही नरमी और वित्तीय, ऑटो व रियल्टी शेयरों में हुई जोरदार खरीदारी के दम पर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार बढ़त दर्ज की।
मुंबई (महाराष्ट्र)। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार आ रही नरमी और वित्तीय, ऑटो व रियल्टी शेयरों में हुई जोरदार खरीदारी के दम पर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार बढ़त दर्ज की। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही 0.6 फीसदी से ज्यादा की मजबूती के साथ बंद हुए। वित्तीय, ऑटो और रियल्टी शेयरों में हुई चौतरफा खरीदारी ने बाजार के सेंटिमेंट को मजबूत किया, जिससे निवेशकों में भारी उत्साह देखा गया।
कच्चे तेल की नरमी से मिली मजबूती
ग्लोबल मार्केट से मिल रहे मिले-जुले संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ हुई थी। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की स्थिर और घटती कीमतों ने व्यापक व्यापक-आर्थिक दृष्टिकोण (मैक्रोइकोनॉमिक आउटलुक) को काफी मजबूत किया है।
FIIs और लार्ज कैप शेयरों ने संभाली कमान
वैश्विक बाजारों में जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली, वहीं भारतीय बाजारों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FIIs) के बढ़ते प्रवाह और लार्ज-कैप शेयरों के दमदार प्रदर्शन ने बाजार को ऊपर खींचने का काम किया। घरेलू मोर्चे पर प्राइवेट बैंकों के बेहतर तिमाही नतीजों की उम्मीद और गाड़ियों की मजबूत मांग ने इस तेजी को रफ्तार दी।
Sensex 0.67 प्रतिशत और Nifty भी 0.66 प्रतिशत उछलकर हुआ बंद
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 (NSE Nifty 50) 159.50 अंक यानी 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,430.35 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स (BSE Sensex) भी कदम से कदम मिलाते हुए 521.16 अंक यानी 0.67 प्रतिशत उछलकर 78,285.07 के स्तर पर सफलतापूर्वक सेटल हुआ।
क्या कहते हैं बाजार के एक्सपर्ट?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने बाजार की इस चाल पर विश्लेषण करते हुए कहा, "वैश्विक स्तर पर मिश्रित संकेतों के बावजूद कच्चे तेल की स्थिर कीमतों के समर्थन से भारतीय शेयर बाजार सकारात्मक दायरे में कारोबार करते दिखे। कच्चे तेल में लगातार जारी यह नरमी देश में महंगाई को काबू में रखने, चालू खाता घाटे (Current Account Balance) को संभालने, सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) की लाभप्रदता बढ़ाने और समग्र व्यापक आर्थिक स्थिरता को सहारा देगी।"
विदेशी बाजारों में मुनाफावसूली, भारत में तेजी
विनोद नायर ने आगे कहा, "वैश्विक स्तर पर अत्यधिक भीड़भाड़ वाले एआई-आधारित ट्रेडों में मुनाफावसूली का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर देखा गया। इसके विपरीत, भारत में एफआईआई (FII) प्रवाह में सुधार के चलते बड़े शेयरों (Large Caps) की अगुवाई में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला। घरेलू मोर्चे पर वित्तीय, ऑटो, रियल्टी और ऑयल व गैस सेक्टर ने इस तेजी का नेतृत्व किया।"
क्षेत्रवार प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए नायर ने बताया कि निजी बैंकों के मजबूत तिमाही नतीजों की उम्मीदों से वित्तीय क्षेत्र को सहारा मिला। वहीं ऑटो सेक्टर को मजबूत वॉल्यूम ट्रेंड और मांग के बेहतर परिदृश्य का फायदा मिला, जबकि आवासीय संपत्तियों की मजबूत मांग के कारण रियल्टी सेक्टर में तेजी बनी रही।
रियल्टी और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा चमक
एनएसई (NSE) के सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो निफ्टी रियल्टी 1.75 प्रतिशत की छलांग लगाकर सबसे आगे रहा, जिसके ठीक बाद निफ्टी ऑटो 1.38 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके अलावा, अन्य सेक्टर्स में भी खरीदारी का रुख रहा जहां निफ्टी मेटल 0.88 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 0.54 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी (FMCG) 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए।
आईटी में गिरावट, इन शेयरों ने कमाया मुनाफा
इसके उलट, कुछ सेक्टर्स में गिरावट का दबाव भी देखा गया, जिसमें निफ्टी पीएसयू बैंक 0.83 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 0.87 प्रतिशत और निफ्टी आईटी (IT) 0.52 प्रतिशत टूटकर बंद हुए। निफ्टी 50 के शेयरों में आज सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाले टॉप गेनर्स में एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), हिंडाल्को (Hindalco), ओएनजीसी (ONGC), बजाज ऑटो (Bajaj Auto) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) शामिल रहे। दूसरी ओर, बिकवाली के दबाव में रहने वाले टॉप लूजर्स की सूची में कोटक बैंक (Kotak Bank), मैक्स हेल्थकेयर (Max Healthcare), टीसीएस (TCS), कोल इंडिया (Coal India), बजाज फिनसर्व (Bajaj Finserv) और विप्रो (Wipro) के शेयर रहे।
क्रूड ऑयल, सोना और चांदी का हाल
कमोडिटी मार्केट की बात करें तो ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी का रुख जारी रहा और यह रिपोर्ट लिखे जाने तक 0.61 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71.66 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। घरेलू सर्राफा बाजार में भी सुस्ती देखी गई, जहां 24 कैरेट वाले 10 ग्राम सोने की कीमत 0.48 प्रतिशत गिरकर 1,46,672 रुपये पर आ गई, जबकि चांदी की कीमत भी 0.26 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,36,800 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में सोमवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 0.15 प्रतिशत गिरकर 69,637 पर और ताइवान का वेटेड इंडेक्स 0.48 प्रतिशत टूटकर 46,556 के स्तर पर बंद हुआ। इसके साथ ही दक्षिण कोरिया का कॉस्पी (KOSPI) भी 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,051 पर बंद हुआ। हालांकि, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स 0.30 प्रतिशत बढ़कर 5,259 पर और हांगकांग का हैंगसेंग 0.78 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,533 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा।
(यह खबर ANI से सीधे संपादित की गई है।)
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